
बिहार के इस जिले में पहली बार पहुंचेगी ट्रेन, नई लाइन बिछाने की तैयारी में रेलवे
उत्तर बिहार में रेलवे ने नई लाइन रेल लाइन बिछाने की कवायद शुरू कर दी है। इसके लिए जियो टेक्निकल सर्वे जल्द ही कराया जाएगा। सर्वे के आधार पर इस प्रोजेक्ट की डिटेल रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद पटरी बिछाने का काम चालू हो जाएगा।
बिहार में ऐसे जिले को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है, जहां अभी तक ट्रेन नहीं पहुंच पाई है। मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) और शिवहर के बीच नई रेल लाइन की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट जल्द तैयार होगी। उसके बाद रेलवे लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो सकेगा। इससे पूर्व रेलवे इस प्रोजेक्ट का जिओ टेक्निकल सर्वे कराएगा। इसमें भूमि अधिग्रहण, स्टेशन-हॉल्ट, यार्ड, अंडरपास, आरओबी के साथ पुल-पुलिया का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि इसके अनुसार अंतिम डीपीआर बनाया जा सके। सबकुछ सही रहा तो जल्द ही शिवहर जिले में पटरी बिछाने का काम शुरू हो जाएगा। यहां आजादी के बाद पहली बार ट्रेन दौड़ सकेगी।

इस रूट पर जिओ टेक्निकल सर्वे के लिए पूर्व मध्य रेलवे ने दिल्ली की एक एजेंसी का चयन किया है। मालूम हो कि इस रेल प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार ने रेल मंत्रालय के प्रस्ताव पर वर्ष 2006-07 में स्वीकृति दी थी। साथ ही इसमें शिवहर एवं सीतामढ़ी रेल लाइन को जोड़ने का प्रावधान भी किया गया है। यानी यह प्रोजेक्ट बापूधाम-शिवहर-सीतामढ़ी नई रेल लाइन है। यह कुल 70 किलोमीटर लंबी योजना है।
फिलहाल दिल्ली की कंपनी बापूधाम मोतिहारी से शिवहर यानी 51 किलोमीटर लंबाई में ही जिओ टेक्निकल सर्वे करेगी। इसको लेकर पूर्व मध्य रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के सचिव मंटू कुमार ने रिपोर्ट जारी की है। इस सर्वे इस पर 41 लाख रुपये रेलवे खर्च करेगा।
शिवहर में अभी नहीं है कोई भी रेल लाइन
बापूधाम मोतिहारी-शिवहर नई रेल लाइन प्रोजेक्ट से उत्तर बिहार के पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर (मीनापुर-सिवाईपट्टी), शिवहर एवं सीतामढ़ी जिले की 10 लाख से अधिक आबादी को फायदा होगा। यह शिवहर के लिए पहली रेल परियोजना है। आजादी के बाद अब तक शिवहर में रेलवे लाइन या स्टेशन नहीं है।
जिला भू-अर्जन विभाग ने बापूधाम मोतिहारी-शिवहर-सीतामढ़ी नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी है। भूमि सर्वे के अनुसार इस रेलखंड पर 13 पुल और 62 पुलिया तैयार किए जाएंगे। 30 रेलवे समपार फाटक भी बनाए जाएंगे। हालांकि इनकी संख्या में बदलाव हो सकता है।
19 साल बाद शिवहर के लोगों का सपना होगा साकार
इस रेल परियोजना का प्रस्ताव सबसे पहले 2006-07 के रेल बजट में रखा गया था। तब इसकी लागत 221 करोड़ रुपये थी जो अब बढ़कर 926.09 करोड़ रुपये हो गई है। करीब दो दशक लंबे इंतजार के बाद अब इस क्षेत्र के लोगों को ट्रेन से सीधी यात्रा का अवसर मिलेगा। इससे न सिर्फ आवाजाही की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि इलाके का आर्थिक और सामाजिक विकास भी तेजी से होगा।





