गृहमंत्री को सदन में धमकी, दिलीप जायसवाल ने गाया गजल; बिहार विधान परिषद में तकरार
सम्राट ने सिद्दिकी पर तंज कसा, लगता है आज कम खाकर आए हैं.... इसलिए.... वे आगे कुछ बोलते इसके पहले सिद्दिकी ने उन्हें टोका, तुम अधिक खा रहे हो तो हम कम खाने लगे। सम्राट बोले, खाइए नहीं पा रहे हैं..त का खाइएगा? अब खाने का स्कोप नहीं है। इसपर सदस्यों ने खूब ठहाका लगाया।
बिहार विधानमंडल का बजट सत्र चल रहा है। सदन के अंदर पक्ष और विपक्ष में जबरदस्त तकरार भी देखने को मिल रहा है। बुधवार को बिहार के गृहमंत्री सम्राट चौधरी को सदन में धमकी मिली...तो उद्योग मंत्री सदन में ही गजल गाने लगे। वित्त मंत्री ने राजद की पूर्ववर्ती सरकार को लेकर राजद के अब्दुल बारी सिद्दिकी को खूब सुनाई तो भाजपा सदस्य अनिल शर्मा से भी विपक्ष की खूब भिड़ंत हुई। दरअसल विधानपरिषद में भोजनावकाश के बाद विभागीय बजट पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष में खूब नोकझोंक हुई। सिद्दिकी की उपमुख्यमंत्री सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी के साथ-साथ वित्त मंत्री बिजेन्द्र यादव के साथ जमकर तकरार हुई।
शब्दों के बाण चले तो दोनों ओर से खूब तंज भी कसे गए। दिलचस्प बात यह थी कि इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सदन में मौजूद थे और मुस्कुराते रहे। आसन पर बैठे उपसभापति डॉ. रामवचन राय ने कहा कि यह दो पुराने मित्रों का तकरार है। सिद्दिकी ने सम्राट पर तंज कसते और मुख्यमंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि तुम इन्हें खूब तंग कर रहे हो। अधिक तंग करोगे तो समझ लो...। इसपर सम्राट खड़े हो गए और उपसभापति से कहा कि गृहमंत्री को ही सदन में धमकी दी जा रही है, कितनी विचित्र बात है। उपसभापति मुस्कुराकर रह गए।
सम्राट ने सिद्दिकी पर तंज कसा, लगता है आज कम खाकर आए हैं.... इसलिए.... वे आगे कुछ बोलते इसके पहले सिद्दिकी ने उन्हें टोका, तुम अधिक खा रहे हो तो हम कम खाने लगे। सम्राट बोले, खाइए नहीं पा रहे हैं..त का खाइएगा? अब खाने का स्कोप नहीं है। इसपर सदस्यों ने खूब ठहाका लगाया।इसके पहले सिद्दिकी ने वित्तमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि सीनियर आदमी हैं, लेकिन अफसर जो कह देता है, वहीं करते हैं। दिमाग नहीं लगाते हैं।
कभी-कभी अपने से भी कुछ कीजिए। नहीं है तो फिर इनके वित्तमंत्री रहने का क्या लाभ? उन्होंने इसके बाद गजल की दो पंक्तियां सुनाई...दिल के अरमां आसुओं में बह गए, हम वफा करके भी तन्हा रह गए। उनकी बात खत्म हुई तो दिलीप जायसवाल खड़े हो गए। कहा कि बिजेन्द्र बाबू ने सिद्दिकीजी के जवाब में उन्हें कुछ कहने की जिम्मेवारी दी है। फिर उन्होंने सिद्दिकी के गजल की ही पंक्ति को गाकर आगे बढ़ाया... शायद उनका आखिरी हो ये सितम, हर सितम ये सोचकर हम सह गए....। इस पर खूब ठहाके लगे।
चारा, अलकतरा जैसे घोटालों से प्रदेश शर्मसार था : बिजेंद्र
बिजेन्द्र यादव ने सिद्दिकी को कटघरे में खड़ा किया और कहा कि जब 2000 में बिहार का बंटवारा हुआ तो कहा गया कि बिहार में अब केवल बालू, आलू और लालू बच गए हैं। तब बिहार की क्या स्थिति थी..सिद्दिकीजी भी भूले नहीं होंगे। आज क्या स्थिति है? हर घर में बिजली है.. कोई सेक्टर ऐसा नहीं जहां काम नहीं हुआ? चारा घोटाला... अलकतरा घोटाला जैसे कई घोटालों से प्रदेश शर्मसार था। आज एक घोटाले का आरोप कोई नहीं लगा सकता।...सिद्दिकीजी को यह भी नहीं भूलना चाहिए कि भाषणबाजी नहीं, जनता का भरोसा बड़ी ताकत होती है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में शानदार जीत मिली है। आप 25 सीट पर आ गए। 2010 में भी 22 सीट पर आ गए थे। जनता को आप पर विश्वास ही नहीं है। आप भाषण देते रहिए....। इसलिए किनारे बैठे हैं।


