जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर तीसरी सुरंग का रास्ता साफ, 130 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
वहीं सवारी और मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़कर 130 किमी प्रतिघंटा होगी। ट्रेनों का संचालन समय पर होगा, ट्रेनों की संख्या बढ़ायी जाएगी। इससे व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उत्तर बिहार को झारखंड व दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों से सीधा जोड़ने का अभियान पूरा किया जाएगा।

पूर्व रेलवे के मालदा मंडल अंतर्गत जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर तीसरी सुरंग और थर्ड-फोर्थ रेललाइन निर्माण को लेकर जमीन अधिग्रहण व सर्वे कार्य ने रफ्तार पकड़ ली है। राजस्व व वन विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को गहन मापी करते हुए दूसरी सुरंग के दक्षिणी हिस्से में करीब 40 फीट क्षेत्र को चिह्नित कर तीसरी सुरंग निर्माण की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। रेलवे की सर्वे टीम नक्शे के साथ भागलपुर, नाथनगर, सुल्तानगंज, बरियारपुर, रतनपुर होते हुए बरियाकोल सुरंग क्षेत्र तक पहुंची और लगातार अप लाइन के दक्षिण ओर मापी कर रही है। यह परियोजना जुलाई 2030 तक रेल परिचालन की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है।
वहीं सवारी और मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़कर 130 किमी प्रतिघंटा होगी। ट्रेनों का संचालन समय पर होगा, ट्रेनों की संख्या बढ़ायी जाएगी। इससे व्यापार और कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उत्तर बिहार को झारखंड व दक्षिण-पूर्वी क्षेत्रों से सीधा जोड़ने का अभियान पूरा किया जाएगा। इस साल के अंत तक तीसरी सुरंग निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। दो माह बाद थर्ड लाइन बिछाने का कार्य शुरू होगा। जमीन मालिकों को नोटिस देकर मुआवजा प्रक्रिया भी तेज की जा रही है। तीसरी सुरंग मौजूदा दोनों सुरंगों से दोगुनी चौड़ी होगी। अप और डाउन दोनों दिशा में मालगाड़ियों का सुगम परिचालन संभव हो पाएगा, वर्तमान दबाव कम होगा, ट्रेनों की आवाजाही तेज होगी, ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 110 से बढ़कर 130 किमी/घंटा तक पहुंचेगी।
सर्वे और मापी में क्या-क्या हुआ
अप लाइन के दक्षिण दिशा में रोजाना मापी, जरूरत के अनुसार 50 फीट तक भूमि चिन्हित, कई स्थानों पर 60 से 82 फीट तक जमीन अधिग्रहण के लिए मार्किंग, तीसरी सुरंग के लिए दूसरी सुरंग के दक्षिण पहाड़ पर 40 फीट क्षेत्र तय, राजस्व, वन विभाग और रेलवे अधिकारियों ने संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट तैयार की, रतनपुर से भागलपुर तक करीब 200 घर और कई एकड़ जमीन अधिग्रहण के दायरे में लिया।
थर्ड और फोर्थ लाइन प्रोजेक्ट के मुख्य तथ्य
कुल लंबाई: करीब 52.81 किमी, अनुमानित लागत: 1094.53 करोड़ रुपये, लक्ष्य: 2028 तक निर्माण पूरा, थर्ड लाइन पर मुख्य रूप से मालगाड़ियों का संचालन। अप लाइन के दक्षिण बनेगी नई लाइनें, तीसरी और चौथी लाइन अप लाइन के सेंटर से दक्षिण दिशा में बिछेगी, सवारी गाड़ियां मौजूदा लाइन पर, मालगाड़ियां नई लाइन पर चलेंगी, ट्रैफिक जाम और लेट-लतीफी की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी। 5 समपार फाटक बंद किए जाएंगे।


