सुपौल में चोरों का आतंक; घरवालों को कमरे में बंद कर 30 लाख की चोरी; नींद खुली तो उड़े होश
सुपौल जिले में चोरों ने एक घर में परिवारवालों को कमरे में बंद करके 30 लाख की चोरी को अंजाम दे डाला। जिसमें 7 लाख कैश और 23 लाख के गहने शामिल हैं। चोरी का पता तब चला जब कमरे में सोए नानी और नाती की नींद खुली, लेकिन कमरे की कुंडी मार से ली थी। जिसके बाद रिश्तेदारों को बुलाकर कमरा खुलवाया।

सुपौल जिले में कुहासे और ठंड का प्रकोप बढ़ते ही चोरों का आतंक शुरू हो गया है। ठंडी रात में सन्नाटे का फायदा उठाते हुए रविवार रात चोरों ने सदर थाना क्षेत्र थाना क्षेत्र के बलवा पुनर्वास वार्ड-1 निवासी दिनेश यादव के घर का ताला तोड़कर 7 लाख कैश और करीब 22 लाख रुपये से अधिक मूल्य के जेवरात चुरा लिये। अज्ञात चोरों ने काफी सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया है। दीवार फांदकर घर में घुसे। सबसे पहले मेन ग्रिल का ताला तोड़ा। चोरों ने उसी घर को निशाना बनाया, जिसमें नगदी और जेवरात मौजूद थे। ऐसे में पुलिस को इस वारदात में किसी परिचित के शामिल होने का शक है। पुलिस परिजनों से पूछताछ कर घटना के खुलासे के लिए सभी बिंदु से जांच कर रही है।
गृहस्वामी दिनेश यादव बीते एक जनवरी को ही सिंहेश्वर गए हैं, जो वापस घर नहीं लौटे हैं। ऐसे में घर के दो कमरे में कोई परिवार का सदस्य नहीं था और उसमें ताला लगा हुआ था। जबकि घर के जिस कमरे में दिनेश यादव की पत्नी कुमारी आशा और उनका नाती आर्यन सोए हुए थे। चोरों ने उसमें पहले बाहर से कुंडी लगा दी, ताकि कोई व्यक्ति बाहर ना निकल सके। इसके बाद अमेरिका में रह रहे दिनेश यादव के बेटे-बहू इंजीनियर दंपति के कमरे का ताला तोड़कर कमरे में रखा गोदरेज और लॉकर तोड़ दिया। जिसमें से 7 लाख नगद, सोने का हार, कान का झुमका आदि जेवरात उड़ा लिए।
अज्ञात चोरों ने लॉकर में रखे बक्से से सारा समान गायब कर दिया और घर से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर बांसबाड़ी में बक्सा का सारा सामान निकालकर फेंककर फरार हो गए। सुबह करीब चार बजे दिनेश यादव की पत्नी कुमारी आशा की नींद खुली तो नाती को जगाकर कमरा खोलने बोली। लेकिन कमरा बाहर से बंद पाया। तब जाकर अपने रिश्तेदार और पड़ोसी को फोन किया।
पड़ोसी पहुंचे तब जाकर जिस कमरे में नानी और नाती बंद थे, उसे खोला। जब वह बाहर निकलीं तो देखा कि इंजीनियर बेटे के कमरे का ताला टूटा था। अंदर जाकर देखा तो गोदरेज और लॉकर का ताला तोड़कर उसमें रखा सारा सामान बाहर पलंग पर बिखरा था। इसके बाद घटना की जानकारी आशा देवी अपने पति और रिश्तेदारों को दी। रिश्तेदारों ने घटना की जानकारी सदर थाना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस घटनास्थल कर पहुंचकर तहकीकात में जुट गई। उधर, भीषण चोरी की घटना के बाद लोगों ने पुलिस गश्त पर सवाल उठाए हैं।
घटना को लेकर सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि चोरी में शामिल लोगों का पता लगाने के लिए सहरसा से तीन सदस्यीय डॉग स्क्वायड टीम को बुलाया गया था। इसके अलावा तकनीकी सेल की मदद भी ली जा रही है। घटनास्थल पर वह खुद भी पहुंचे और घरवाले से पूछताछ की। पुलिस को आशंका है कि जिस अंदाज में चोरी हुई है, उससे स्पष्ट होता है कि चोरों को पता था कि नगद और जेवरात कहां हैं। इसलिए सिर्फ उसी कमरे को खंगालकर कीमती सामान ले गये।





