भरत तिवारी को 50 मीटर दूर ले जाकर गोली मारी, गवाहों ने न्यायिक आयोग को क्या-क्या बताया
भरत तिवारी एनकाउंटर: भोजपुर जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में गवाहों ने न्यायिक आयोग के सामने कई बातें कही हैं। गवाहों का कहना है कि पुलिस भरत तिवारी को 50 मीटर दूर ले गई और फिर उसे गोली मार दी।

भरत तिवारी एनकाउंटर: भोजपुर के बिलौटी मुठभेड़ प्रकरण में सोमवार को भी न्यायिक आयोग के समक्ष गवाहों का बयान दर्ज किया गया। गवाहों ने न्यायिक आयोग के सामने बताया है कि भरत तिवारी के सरेंडर के बाद पुलिस उन्हें 50 मीटर दूर ले गई और फिर गोली मार दी। पुलिसकर्मियों के खिलाफ कई बातें गवाहों ने न्यायिक आयोग के अध्यक्ष से कही हैं। सोमवार को भरत भूषण तिवारी की भाभी सुमन देवी सहित तीन गवाहों का बयान दर्ज हुआ। इनमें बिलौटी में बसाये गये जवइनिया गांव के विस्थापित सत्य नारायण चौधरी और मंटू प्रसाद शामिल हैं। दोनों एनकाउंटर के प्रत्यक्षदर्शी भी बताये जा रहे हैं। न्यायिक आयोग के आरा स्थित कार्यालय पहुंचे तीनों गवाहों ने अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष अपना पक्ष रखा और पुलिस पर भरत भूषण तिवारी की हत्या करने का आरोप दोहराया। आयोग की ओर से तीनों से बारी-बारी से करीब डेढ़ से दो घंटे तक तीनों से पूछताछ की गयी।
बयान दर्ज कराने के बाद भरत भूषण तिवारी की भाभी सुमन देवी ने मीडिया से कहा कि उन्होंने आयोग के अध्यक्ष को एनकाउंटर से जुड़ी हर जानकारी दी। गोली मारने वाले से लेकर घटनास्थल तक मौजूद पुलिस कर्मियों और एनकाउंटर का आदेश देने वाले का नाम भी आयोग को बताया है। सुमन देवी ने कहा कि देशभक्त को पांच गोली मारने वाले सभी आरोपितों को फांसी की सजा होनी चाहिए। इधर, सत्य नारायण चौधरी ने कहा कि आयोग की ओर से पूछा गया कि भरत भूषण तिवारी को किसने मारा और घटना कैसे हुई थी?
उन्होंने आयोग को बताया कि डीएसपी सहित अन्य पुलिस कर्मियों की ओर से गोली मारी गयी है। आत्म समर्पण करने के बाद पुलिस कर्मियों ने भरत भूषण तिवारी को पकड़ लिया था और करीब 50 मीटर दूर ले जाकर गोली मार दी गयी थी। उन्होंने कहा कि आयोग को बताया कि घटना के समय पुलिस प्रशासन के 30-35 लोग मौजूद थे। इस मामले में बीते शनिवार को भरत भूषण तिवारी के माता-पिता का बयान भी न्यायिक आयोग के समक्ष दर्ज हो चुका है। बता दें कि 17 जून को बिलौटी गांव में उसी गांव के काशी नाथ तिवारी के पुत्र भरत भूषण तिवारी का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया था।
एनकाउंटर के समय भरत भूषण तिवारी अपने फेसबुक पर लाइव था। उसमें देखा जा रहा था कि भरत भूषण तिवारी की ओर से हथियार फेंक दिया गया था। इसके बाद फेसबुक लाइव बंद हो गया था। आरोप है कि भरत भूषण तिवारी की ओर से हथियार फेंके जाने के बाद पुलिस की ओर से उसे गोली मार दी गयी थी। घटना के बाद से ही काफी बवाल मचा है। भरत भूषण तिवारी परिजनों की ओर से उसे फर्जी मुठभेड़ बताया जा रहा है।
उस मामले में भरत तिवारी की मां आशा देवी के बयान पर मुठभेड़ में शामिल जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश शर्मा और थानाध्यक्ष राजेश मालाकार सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। मामले को गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के बाद पटना उच्च न्यायालय के रिटायर जज विनोद कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है।


