
बिहार में इन VVIP गाड़ियों का नहीं लगेगा टोल टैक्स, लिस्ट में विधायक-सांसद से लेकर कौन-कौन?
बिहार में विधायक और सांसद से लेकर मंत्रियों एवं चुनिंदा अफसरों की सरकारी गाड़ियों से हाइवे पर टोल टैक्स की वसूली नहीं की जाएगी। इसके लिए बिहार परिवहन विभाग ने बड़ी पहल की है।
बिहार में वीवीआईपी यानी अति विशिष्ट नेता और अधिकारियों की सरकारी गाड़ियों पर टोल टैक्स नहीं लगेगा। हाइवे के टोल प्लाजा पर उनकी गाड़ियों को ना रोका जाए, इसके लिए नीतीश सरकार के परिवहन विभाग ने बड़ी पहल की है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने सभी संबंधित वीवीआईपी को पत्र लिखकर अपनी पात्र सरकारी गाड़ियों पर एक्सेम्प्टेड फास्टैग (छूट वाला फास्टैग) शीघ्र लगवाने और एनएचएआई के एग्जेम्प्शन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) कराने का अनुरोध किया है। जिन वीवीआईपी की गाड़ियों से टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा, उनमें विधायक और सांसद से लेकर मुख्य सचिव, मंत्री, मुख्यमंत्री और पूर्व सीएम भी शामिल हैं।
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा है कि केंद्र सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार टोल टैक्स में छूट के सभी पात्र वाहनों को 3 महीने के अंदर नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के एग्जेम्प्शन (छूट) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से रजिस्टर कराना होगा। वर्तमान में सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, मंत्री, मुख्य सचिव समेत कई वीवीआईपी की सरकारी गाड़ियां इस पोर्टल पर रजिस्टर होने के बाद टोल प्लाजा पर बिना रुके निकल जाती हैं।
परिवहन मंत्री ने कहा कि वीवीआईपी की गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रोकने से कई बार महत्वपूर्ण बैठक या कार्यक्रम में देरी हो जाती है। उनकी सहूलियत और कीमती समय की बचत के लिए यह व्यवस्था की गई है। विभाग ने सभी संबंधितों को अलग-अलग पत्र भेजकर भी व्यक्तिगत रूप से अनुरोध किया है कि वे जल्द इस प्रक्रिया को पूरा कर लें।
बिहार में जिन वीवीआईपी को टोल टैक्स से छूट मिलेगी उनमें मुख्यमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा सभापति, लोकसभा में विपक्ष के नेता, सांसद और विधायकों की सरकारी गाड़ी, उच्च न्यायालयों के चीफ जस्टिस एवं न्यायाधीश, राज्य के वर्तमान एवं पूर्व विधायक, विधान पार्षद (एमएलसी), सभी मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री शामिल हैं।





