नितिन नवीन समेत ये 4 चेहरे राज्यसभा की लेंगे शपथ, नीतीश 10 अप्रैल को ले चुके; 16 मार्च को बने थे सांसद
नितिन नवीन के अलावे पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा, कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी के जीवेश कुमार शामिल हैं। बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार 10 अप्रैल को ही शपथ ग्रहण कर चुके हैं।

Rajya Sabha Oath: बिहार से चुने गए चार राज्यसभा सांसद आज पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। उपराष्टपति सीपी राधाकृष्णन उन्हें शपथ दिलाएंगे। इन चार सदस्यों में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्र्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का नाम भी शामिल है। उनके अलावे पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा, कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर और भारतीय जनता पार्टी के जीवेश कुमार शामिल हैं। बिहार के पूर्व सीएम नीतीश कुमार 10 अप्रैल को ही शपथ ग्रहण कर चुके हैं। जानकारी के मुताबिक सभी नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं।
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और नीतीश कुमार पहली बार राज्यसभा पहुंचे हैं। भाजपा नेता जीवेश राम भी पहली बार सांसद बने हैं। उपेंद्र कुशवारा लगातार दूसरी बार राज्यसभा जाने का मौका मिला है। नितिन नवीन इससे पहले बिहार में बांकीपुर के विधायक और बिहार सरकार में पथ निर्माण विभाग के मंत्री थे। बीजेपी ने उन्हें पहले राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया और बाद में उन्हें फुल फ्लेज्ड अध्यक्ष बनाए गए। पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्हें अपने हाथों से कुर्सी पर बैठाया था। रामनाथ ठाकुर को भी राज्यसभा जाने का दूसरा मौका मिला है। पहले नीतीश कुमार ने जदयू कोटे से उन्हें राज्सभा भेजा था। उन्हें कंटिन्यू किया गया है।
जदयू ने अपने कोटे से राज्यसभा के उप सभापति वरीष्ठ पत्रकार हरिवंश नारायण सिंह को तीसरा मौका नहीं दिया। उनकी सीट पर नीतीश कुमार को लड़ाया गया जिसमें उनकी जीत हुई। उसके पहले निशांत कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा जोर शोर से चली। 9 अप्रैल को कार्यकाल खत्म होने के बार हरिवंश को राष्टपति ने राज्यसभा के लिए मनोनित किया। 16 मार्च को इसके लिए चुनाव हुए थे। नौ अप्रैल को खाली हो रहीं पांच राज्यसभा सीटों पर एनडीए ने कब्जा कर लिया। महागठबंधन( राजद) के उम्मीदवार अमरेंद्रधारी सिंह की हार हो गई। वोटिंग के दिन कांग्रेस के दो और राजद के एक विधायक वोट डालने नहीं पहुंचे। इसका फायदा एनडीए को मिला। पांचवीं सीट के एनडीए उम्मीदवार जीवेश राम की भी जीत सुनिश्चित हो गई।
राज्यसभा संदद का ऊपरी सदन होता है। यहां सदस्यों का कार्यकाल छह वर्षों का होता है। दो साल पर एक तिहाइ सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो जाता है। बिहार में पांच सदस्यों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद चुनाव हुए। इस चुनाव ने बिहार का इतिहास बदल दिया। 20 सालों तक बिहार में सीएम रहे नीतीश कुमार न अपने पद से इस्तीफा देकर सत्ता की कमान बीजेपी के हाथों में सौंप दिया। सम्राट चौधरी को बिहार का नया मुख्यमंत्री बनाया गया।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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