स्कूल शराब कांड पर NHRC का बड़ा एक्शन, बिहार सरकार को नोटिस; 15 दिनों में मांगी रिपोर्ट
बेगूसराय के स्कूल में शराब को 'कोल्ड ड्रिंक' समझकर चौथी के छात्र द्वारा पीने की घटना पर मानवाधिकार आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। स्कूल के शौचालय से 204 लीटर अवैध शराब बरामद होने के बाद एनएचआरसी ने बिहार के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।

Bihar News: बिहार के बेगूसराय में स्कूली छात्र द्वारा शौचालय में रखी शराब को कोल्ड ड्रिंक समझकर पीने की चौंकाने वाली घटना पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्त रुख अपनाया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने बिहार सरकार और पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया है। पुलिस ने स्कूल परिसर से करीब 204 लीटर अवैध शराब बरामद की थी, जिसे माफियाओं ने शौचालय को गोदाम बनाकर छिपा रखा था।
मुख्य सचिव और DGP को नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लेते हुए बिहार के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने इस पूरी घटना पर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग का मानना है कि यदि यह घटना सत्य है, तो यह मासूम बच्चे के मानवाधिकारों और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है। रिपोर्ट में बच्चे की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और इस लापरवाही के जिम्मेदार लोगों पर की गई कार्रवाई का विवरण देने को कहा गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 6 अप्रैल 2026 की है, जो बेगूसराय जिले के सिसवा क्षेत्र स्थित एक सरकारी स्कूल की है। स्कूल परिसर में बने एक जर्जर शौचालय का इस्तेमाल शराब तस्करों द्वारा अवैध भंडारण के लिए किया जा रहा था। चौथी कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने शौचालय में रखी बोतलों को 'कोल्ड ड्रिंक' समझ लिया और उसे पी लिया। जब बच्चा नशे की हालत में घर पहुंचा, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। परिजनों की शिकायत के बाद जब पुलिस ने स्कूल के उस जर्जर शौचालय की तलाशी ली, तो वहां का नजारा हैरान करने वाला था। पुलिस ने मौके से 23 कार्टन में भरी लगभग 204 लीटर अवैध शराब बरामद की।
प्रशासन पर उठे सवाल
बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद स्कूल जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली जगह पर इतनी बड़ी मात्रा में शराब का मिलना प्रशासन और स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े करता है। NHRC ने इस बात पर चिंता जताई है कि कैसे तस्करों ने एक स्कूल को अपना गोदाम बना लिया और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह घटना न केवल बिहार में शराबबंदी के दावों की पोल खोलती है, बल्कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी एक बड़ा डरावना सच सामने लाती है। अब देखना यह है कि आयोग के नोटिस के बाद राज्य सरकार इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाती है।


