पटना-गया रेलमार्ग पर 10 ट्रेनें रद्द, पुनपुन नदी का पानी शहर में समाया; दानापुर में बाढ़ के पानी में डूबकर महिला की मौत
पुनपुन नदी के विकराल रूप के देखकर लोग सहमे हुए हैं। बढ़ते जलस्तर का असर ट्रेनों के परिचालन पर भी पड़ा है। छह सितंबर को चलने वाली 18625 पूर्णिया कोर्ट-हटिया एक्सप्रेस और 18626 हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस पटना-गया होकर नहीं जाएंगी।

पुनपुन नदी के बढ़ते जलस्तर का असर पटना-गया रेलखंड पर पड़ा है। पटना-परसा डाउन लाइन पर किलोमीटर संख्या 11/38-32 के बीच स्थित पुल पर चार सितंबर की रात से ही पानी का दबाव बढ़ रहा है। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए रविवार को पटना और गया के बीच 10 मेमू ट्रेनों का परिचालन रद्द रहेगा। रेलवे ने बताया कि जलस्तर सामान्य होने और इंजीनियरिंग विभाग से अनुमति मिलने के बाद ही परिचालन बहाल किया जाएगा।
दो एक्सप्रेस ट्रेनें वैकल्पिक मार्ग से चलेंगी
छह सितंबर को चलने वाली 18625 पूर्णिया कोर्ट-हटिया एक्सप्रेस और 18626 हटिया-पूर्णिया कोर्ट एक्सप्रेस पटना-गया होकर नहीं जाएंगी। इन दोनों ट्रेनों को बख्तियारपुर-किऊल के रास्ते वैकल्पिक मार्ग से चलाया जाएगा। रेलवे ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को पुल एवं रेलखंड की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा है।
ये मेमू ट्रेनें नहीं चलेंगी
● 63242 गया-पटना मेमू
● 63244 गया-पटना मेमू
● 63245 पटना-गया मेमू
● 63247 पटना-गया मेमू
● 63248 गया-पटना मेमू
● 63251 पटना-गया मेमू
● 63256 गया-पटना मेमू
● 63274 पटना-आरजीडी मेमू
● 63250 गया-पटना मेमू
● 63253 पटना-गया मेमू
पुनपुन नदी का पानी शहर में घुसा
पटना में नदियों के उफान से लोग सहमे हुए हैं। पुनपुन नदी का जलस्तर बढ़ने से शहर में पानी घुस गया है। वहीं बख्तियारपुर के शहरी इलाकों के कई वार्ड भी पानी से घिर गए हैं। जबकि मनेर के सुरक्षा बांध पर दबाव बढ़ने लगा है। पुनपुन नदी का 1976 जैसा रौद्र रूप देख कई लोग रतजगा कर अपने गांवों के बचाने में जुट गए हैं। लगातार प्रति घंटे एक सेंटीमीटर पानी बढ़ रहा है। शनिवार की शाम पांच बजे केंद्रीय जल आयोग के अनुसार श्रीपालपुर में नदी का जलस्तर 53.380 मीटर दर्ज किया गया। शुक्रवार को यह 53.16 मीटर था। नदी का खतरे का निशान 50.60 मीटर है। यानी पुनपुन में पानी खतरे के निशान से 2.78 मीटर ऊपर बह रहा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार जलस्तर में फिलहाल करीब एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की वृद्धि हो रही है।
पुनपुन बाजार में नदी घाट से आर्य समाज मंदिर तक सड़क पर करीब तीन से चार फीट पानी पहुंच गया है। वहीं लखनपार, बरावां, लखना उत्तर पश्चिम, लखना पूर्वी, पैमार और ठुमरी पंचायत बाढ़ के पानी से घिरी हुई हैं। लखनपार पंचायत के लोदीपुर, दुलारपुर, सबलपुर, हरेक, सपहुआ ,और योगापुर गांवों का आवागमन ठप हो गया है। फहीमचक टापू में तब्दील हो गया है। चिनियाबेला-सबलपुर सड़क पर दो जगह पानी के कटाव से सड़क से आवागमन बंद हो गया है। पुनपुन नदी में आई ऊफान से भगवानगंज थाना क्षेत्र के देवरिया पंचायत का खैनिया गांव चारों ओर से घिरकर टापू सा बन गया है। धनरुआ और पुनपुन प्रखंड में दरधा और पुनपुन नदी उफान से बाढ़ की स्थिति बन गई है,सबसे अधिक असर धान की फसल पर पड़ा है।
पुनपुन के 12 गांवों में जाने वाली सड़कें डूबीं
पुनपुन के 12 गांवों में जाने वाली सड़कें डूब गई हैं। पुनपुन नदी के उफान से जगह जगह पर तटबंधों से ओवरफ्लो करते हुए लगातार निचले इलाकों में प्रवेश कर रहा है। बेलदारी टोला सहित कई जगहों पर तटबंधों को नुकसान भी पहुंचा है, लखनपार जाने वाली सड़क पर दो से तीन फीट पानी सड़क के ऊपर से बह रहा है। बिहार में नदियों के बढ़े जलस्तर और बाढ़ के फैलाव के बाद भी अधिकतर मार्गों पर यातायात बहाल है। पथ निर्माण विभाग ने यह दावा किया है। विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के अनुसार जहां जलस्तर अधिक है, वहां भी दिन-रात काम हो रहे हैं। जहां-जहां जलभराव, कटाव हुआ है, वहां तत्काल मरम्मत कार्य किए जा रहे हैं।
मनेर के सुरक्षा बांध पर भी दबाव बढ़ा
गंगा और सोन में उफान से शनिवार देर शाम बाढ़ का पानी मनेर स्थित सोन सुरक्षा बांध तक पहुंच गया, जिससे पूरा मनेर दियारा इलाका जलमग्न हो गया है। सोन और गंगा के जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता भी बढ़ती जा रही है। वर्ष 1975 में पटना में आई भीषण बाढ़ के बाद इस सुरक्षा बांध को बनाया गया था। गंगा और सोन का जलस्तर लगातार बढ़ने से मनेर दियारा की किता चौहत्तर पूर्वी, पश्चिमी, मध्य, रामपुर तौफिर दियारा, मगरपाल और सुअरमरवा पंचायत की करीब 60 हजार की आबादी बाढ़ की चपेट में है। वहीं, मनेर नगर परिषद के जंगलिया टोला और डुमरिया के करीब 800 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।
पिछले 10 दिनों से दियारा इलाके में बाढ़ का पानी फैलने से गरीब और मजदूर तबके के लोग काम पर नहीं जा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ का पानी फैलने से गांव में रोजगार ठप है। दियारा के गांवों को मनेर शहर से जोड़ने वाले तीन मार्गों पर करीब चार फीट बाढ़ का पानी चढ़ गया है। इनमें रामघाट-हुलासी टोला, रामपुर-सुअरमरवा और मनेर-हल्दीछपरा मार्ग शामिल हैं। वहीं,बिहटा की आनंदपुर पंचायत बाढ़ के पानी से घिरता जा रहा
बाढ़ के पानी में डूबने से महिला की गई जान
पटना से सटे दानापुर के हाबसपुर में शनिवार को बाढ़ के पानी में डूबने से महिला की मौत हो गई। महिला दादी के श्राद्धकर्म में मायका आई थी। मृतका शाहपुर निवासी चंद्रदेव राय की पत्नी संगीता देवी (25) थी। मानस में डूबे 55 वर्षीय रवि शेखर का शव शनिवार को बरामद कर लिया गया। मंत्री रामकृपाल यादव पहुंचे। मृतक की पत्नी सरोजा देवी को चार लाख की सरकारी सहायता राशि दी। सांसद डॉ. मीसा भारती भी अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचीं।


