बिहार के मुजफ्फरपुर में आश्रय गृह से 10 बच्चे कहां लापता हो गए, मचा हड़कंप

हिन्दुस्तान, मुजफ्फरपुर
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एसडीपीओ पूर्वी-2 मनोज कुमार सिंह ने बताया कि हॉल की खिड़की की ग्रिल में काफी गैप है। आशंका है कि इसी गैप से बच्चे निकलकर पानी वाले पाइप के सहारे नीचे उतरे होंगे। मेन गेट पर चढ़कर बच्चे दूसरी ओर कूद गए। इस दौरान गार्ड सोए हुए थे।

muzaffarpur shelter home

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में मुशहरी थाने के नरौली गांव स्थित वृहद आश्रय गृह से रविवार की रात 10 बच्चे लापता हो गए, इनमें चार बच्चे मूक-बधिर हैं। सोमवार की सुबह गार्ड ने बच्चों के लापता होने की गृह प्रबंधन को सूचना दी, जिसके बाद अफरातफरी मच गई। गृह प्रबंधन की सूचना पर बीडीओ चंदन कुमार, थानेदार सुबोध कुमार मेहता आदि मौके पर पहुंचे और छानबीन की। लापता बच्चों में एक नेपाल, एक समस्तीपुर और एक सीतामढ़ी का रहने वाला है। बाकी बच्चों का पता असत्यापित है। एक बच्चा बाल श्रम से मुक्त कराया गया था।

बालगृह अधीक्षक अविनाश डे ने बताया कि वृहद आश्रय गृह में अभी 46 बच्चे रह रहे थे, जिसमें से रविवार की रात करीब एक बजे से दो बजे के बीच में प्रथम तल पर रह रहे 10 बच्चे भाग गए। प्रथम तल की एक खिड़की से छड़ गायब है। अधिकारियों की टीम ने अन्य बच्चों से पूछताछ की है। गार्ड का भी बयान लिया है। एक साथ 10 बच्चों के गायब होने पर आश्रय गृह की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। एसडीओ पूर्वी तुषार कुमार के अनुसार अलग-अलग हॉल में कुल 46 बच्चे थे। प्रथम तल वाले हॉल के बच्चे गायब हुए हैं।

एसडीपीओ पूर्वी-2 मनोज कुमार सिंह ने बताया कि हॉल की खिड़की की ग्रिल में काफी गैप है। आशंका है कि इसी गैप से बच्चे निकलकर पानी वाले पाइप के सहारे नीचे उतरे होंगे। मेन गेट पर चढ़कर बच्चे दूसरी ओर कूद गए। इस दौरान गार्ड सोए हुए थे। उन्हें सुबह में बच्चों के नहीं होने की जानकारी हुई। मामले में अधीक्षक अविनाश डे के आवेदन पर थाना में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज की गई है। थानेदार सुबोध कुमार मेहता ने बताया कि बच्चों का पता लगाया जा रहा है।

नरौली चौक पर सीसीटीवी में दिखे बच्चे

गायब बच्चों की तलाश कर रही मुशहरी पुलिस ने नरौली चौक पर लगे एक निजी सीसीटीवी कैमरे को खंगाला है। इसमें कुछ बच्चे रात करीब दो बजे जाते हुए दिखे हैं। नरौली चौक से आगे बच्चे किस ओर निकले यह स्पष्ट नहीं हो रहा है। क्या नरौली चौक पर कोई गाड़ी थी, जिससे सभी बच्चे निकले या पैदल ही अलग-अलग दिशाओं में गए। इसकी पड़ताल के लिए अलग-अलग रास्तों और दिशाओं के सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं।

नेपाल घुमाने की बात कहता था

वृहद आश्रय गृह के सूत्रों ने बताया कि अन्य बच्चों से जानकारी मिली है कि नेपाली बच्चा अक्सर गृह के बच्चों से कहता था कि चलो सभी को नेपाल घुमायेंगे। इस जानकारी के सामने आने के बाद आशंका है कि बच्चे नेपाल जाने के लिए भी निकल सकते हैं, लेकिन रात दो बजे कोई सवारी गाड़ी नहीं मिली होगी। उस समय पैदल ही निकले होंगे।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

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एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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