टेलीग्राम कैसे बना साइबर अपराधियों का सबसे सेफ अड्डा, वर्क फ्रॉम होम का झांसा; DSP क्या बोले
जवाहर नवोदय विद्यालय के शिक्षक दीपांशु कुमार को टेलीग्राम एप पर एक अंजान ग्रुप में जोड़ा गया। उस ग्रुप में वर्क फ्रॉम होम से कमाई का झांसा देकर फांसा। इसके बाद ऑनलाइन निवेश का टास्क देकर शिक्षक से 17.35 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।

टेलीग्राम एप पर साइबर शातिरों ने बड़ा जाल फैला रखा है। यहां विभिन्न ग्रुप बनाकर लोगों को साइबर शातिर फांस रहे हैं। वर्ष 2025 में मुजफ्फरपुर जिले में सबसे अधिक इसी एप पर ठगी की गई है। 70 से अधिक लोगों से दो करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई है। टेलीग्राम एप पर ऑलाइन निवेश के लिए प्रेरित करने के बाद लोगों से ठगी की गई है। लोगों को जब तक ठगी का अहसास होता है, तब तक ग्रुप को आसानी से डिलिट कर साइबर शातिर सारा साक्ष्य खत्म कर दे रहे हैं।
जवाहर नवोदय विद्यालय के शिक्षक दीपांशु कुमार को टेलीग्राम एप पर एक अंजान ग्रुप में जोड़ा गया। उस ग्रुप में वर्क फ्रॉम होम से कमाई का झांसा देकर फांसा। इसके बाद ऑनलाइन निवेश का टास्क देकर शिक्षक से 17.35 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। उन्होंने 26 अप्रैल 2025 को मामले की एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन पुलिस को अब तक टेलीग्राम एप से कोई साक्ष्य नहीं मिल पाया है। शिक्षक ने पुलिस को यूपीआई ट्रांजेक्शन व खाते से हुई लेनदेन का ब्योरा दिया। पर, इससे अपराधियों का सुराग पुलिस नहीं ढूंढ पाई।
साइबर डीएसपी हिमांशु कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर ठगी के बाद साइबर शातिर साक्ष्य डिलिट कर दे रहे हैं। इससे सुराग ढूंढ पाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे एप पर निवेश के लिए फिशिंग लिंक भेजकर लोगों को फंसाया जाता है। मोटी कमाई के लालच में पड़ने से बचना चाहिए।
वर्क फ्रॉमहोम से बेहतर कमाई का दिया झांसा
नगर थाना के बड़ी करबला मोहल्ला के विकास कुमार को टेलीग्राम एप पर जोड़कर वर्क फ्रॉमहोम से बेहतर कमाई का झांसा दिया गया। शुरुआत में कुछ रुपये भी दिए गए। इसके बाद उन्हें निवेश का टास्क सौंपा गया। इसमें उनसे 7.40 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। 20 अगस्त 2025 को साइबर थाने में उन्होंने एफआईआर दर्ज कराई। रुपये ट्रांजेक्शन का ब्योरा भी सौंपा, लेकिन साइबर शातिरों का अब तक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
सरैयागंज के व्यवसायी से ठगे 19.60 लाख
सरैयागंज के व्यवसायी गणेश कुमार से साइरा नामक युवती ने एप पर संपर्क किया। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन निवेश पर बेहतर कमाई का झांसा देकर 19 लाख 60 हजार रुपये ठग लिए गए। गणेश से अलग-अलग नौ लोगों के बैक खाते में रुपये लिए गए थे। 28 मार्च 2025 को बैंक ट्रांजेक्शन के सारे ब्योरे के साथ उन्होंने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। अब तक पुलिस को शातिरों का सुराग नहीं मिला है।
टेलीग्राम ने क्या कहा?
खबर सामने आने के बाद टेलीग्राम की ओर से बयान सामने आया है। टेलीग्राम ने अपने बयान में कहा कि अवैध सामग्री से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अपने प्लेटफॉर्म पर इसके प्रसार को रोकने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास करता है। खासरकर एआई टूल्स से सुसज्जित मॉडरेटर प्लेटफॉर्म के सार्वजनिक हिस्सों की निरंतर निगरानी करते हैं और प्रतिदिन वैश्विक स्तर पर लाखों हानिकारक सामग्रियों को रिपोर्ट्स के आधार पर हटाते हैं। टेलीग्राम लाखों धोखाधड़ी अभियानों को शुरू होने से पहले ही रोक देता है, क्योंकि इसके मजबूत एंटी-स्पैम टूल्स उन सामूहिक संदेशों को रोकते हैं, जिन पर ऐसे धोखाधड़ी अभियान निर्भर करते हैं।


