रिशुश्री टेंडर फिक्सिंग पर तेजस्वी ने सम्राट सरकार को 20 सवालों से घेरा, नीतीश कुमार पर भी निशाना
तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार से 20 सवाल पूछकर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की बात करती है और कुछ भ्रष्ट पदाधिकारी ही सरकार चला रहे हैं।

Tejaswi Yadav News: बिहार विधानसभा में नेताप्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने टेंडर फिक्सिंग कांड पर सम्राट चौधरी सरकार पर 20 सवालों से हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि रिशुश्री ने कई मंत्रियों और अधिकारियों को लाभ पहुंचाया। लेकिन, सरकार उन्हें बचा रही है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने पूर्व सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को केंद्र का रबड़ स्टांप करार दिया और कहा कि चंद अधिकारी नेताओं को लाभ पहुंचाकर अपना सिंडिकेट चला रहे हैं।
रविवार को पटना में तेजस्वी यादव ने प्रेस वार्ता बुलाई। उन्होंने सरकार से 20 बिन्दुओं पर सवाल पूछकर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की बात करती है और कुछ भ्रष्ट पदाधिकारी ही सरकार चला रहे हैं। सत्ता में बैठे नेताओं को इन सवालों का जवाब देना चाहिए। बड़े मंत्री और अधिकारी रिशुश्री टेंडर फिक्सिंग कांड में संलिप्त हैं। बिहार की जनता को सरकार बताए कि राजस्व क्यों घट रहा है और राजकोषिय घाटा इतनी तेजी से क्यों बढ़ रहे हैं। हमारा बिहार आज कंगाल होने की स्थिति में आ गया है। खजाना को वोट लेने में खाली कर दिया गया। अब बड़े नेताओं के संरक्षण में अधिकारी बचे खुचे खजाने का बंदरबांट कर रहे हैं। राज्य या केंद्र की एजेंसियां सही ढंग से जांच करने के बजाए गलत लोगों को बचाने में लगी हैं।
तेजस्वी ने कहा कि आज किसी को सरकार से डर नहीं है क्योंकि, मुख्यमंत्री को बड़ा बंगला और भारी भड़कम सुरक्षा से अधिक किसी बात की चिंता नहीं है। उनकी क्षमता और योग्यता को अधिकारी समझ चुके हैं। जब भी कोई घोटाला होता है तो छोटे किरानी या अधिकारी जाते हैं, उच्च अधिकारियों तक जांच एजेंसी पहुंच ही नहीं पाती। इसी वजह से रिशुश्री जैसे लोगों को बढ़ावा मिलता है।
तेजस्वी ने कहा कि एक मामूली का ठेकेदार रिशुश्री इतना प्रभावशाली कैसे हो गया कि सरकार के विभागों में टेंडर मैनेज करने लगा। ईडी की जांच में पता चला है कि वह कई बड़े अधिकारियों का चहेता था। इस केस में चार्जशीट में बड़ी मछलियों को छोड़ दिया गया। चार्जशीट में इतनी देरी क्यों। इस मामले में दो अधिकारियों को निलंबित तो कर दिया गया पर चार्जशीट में उनका नाम नहीं है। उन्हें निलंबन के साथ गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया। क्या सरकार को डर था कि ये लोग उनकी पोल खोल देगा? इस मामले में कितना घोटाला हुआ उस उजागर नहीं किया गया।
राजद नेता ने कहा कि पूरे बिहार में सरकारी टेंडर का सिंडिकेट चल रहा है। इसकी भनक भी मुख्यमंत्री कार्यालय को क्यों नहीं लगी। इसकी वजह शायद यह है कि इसमें परसेंटेज का खेल चल रहा था। सरकार रिशुश्री या उससे संबंधित कंपनियों को मिले टेंडर की स्वतंत्र जांच कराना चाहिए। सरकार इससे पीछे हट रही है क्योंकि, कई के चेहरे उजागर हो जाएंगे। आश्चर्य की बात है कि निगरानी और खुफिया विभाग इन बड़े वित्तीय लेन-देन और विदेश यात्राओं से बेखबर थी। जिन विभागों ने ये घोटाले हुए उन विभागों के मंत्रियों ने इसकी जिम्मेदारी क्यों नहीं ली?
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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