बांकीपुर में मतदान से पहले रात में तेजस्वी यादव ने धन्यवाद कहा, सरकार को या पुलिस को?

लाइव हिन्दुस्तान, पटना
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सम्राट चौधरी सरकार द्वारा छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज केस वापस लेने के बाद गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई शुरू होने पर राजद के नेता तेजस्वी यादव ने थैंक्यू कहा है। यादव ने इसे छात्र-युवा ताकत की जीत बताया है।

Tejashwi Yadav
राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव (फाइल फोटो)

पेपर लीक के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन के दौरान बिहार में दर्ज मुकदमे सम्राट चौधरी सरकार द्वारा वापस लेने का आदेश जारी करने के बाद जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के बेटे तेज प्रताप यादव समेत अन्य प्रदर्शनकारियों की रिहाई शुरू हो गई है। बांकीपुर सीट पर मतदान से कुछ घंटे पहले राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के कार्यकारी अध्यक्ष और विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने आंदोलनकारियों की रिहाई के लिए रात में थैंक्यू कहा, लेकिन सरकार को या पुलिस को, यह साफ नहीं है। आंदोलन के दौरान उपद्रव और हिंसक प्रदर्शन के आरोप में गिरफ्तार लोगों की रिहाई से तेजस्वी यादव का जोश बढ़ गया है। उन्होंने इसे छात्र और युवाओं की ताकत की जीत बताया है।

तेजस्वी यादव ने बुधवार रात एक्स पर ट्वीट करके लिखा- ‘छात्र आंदोलन के दौरान जेल में बंद कई जिलों के योद्धा साथी रिहा हो चुके है। आश्वासन मिला है कि अन्य जगहों से रिहा करने की न्यायिक प्रक्रिया की अधिकांश औपचारिकताएं परिपूर्ण हो चुकी हैं तथा कुछ समय पश्चात शेष विधिक प्रक्रियाएं पूरा होते ही सभी को छोड़ दिया जाएगा। धन्यवाद। छात्र-युवा शक्ति जिंदाबाद!’ बता दें कि बिहार सरकार ने राज्य के किसी भी थाने में छात्र आंदोलन में शामिल लोगों पर 26 जुलाई की शाम 6 बजे तक दर्ज आपराधिक मामले वापस लेने का फैसला किया था। सरकार के नीतिगत फैसले की अधिसूचना जारी होने के बाद महाधिवक्ता ने संबंधित जिलों के डीएम और सरकारी वकीलों को इस फैसले की जानकारी देकर गिरफ्तार लोगों को रिहा कराने कहा था।

पटना समेत 20 जिलों में दर्ज 64 केस वापस लेने का आदेश जारी

छात्र आंदोलन के दौरान राजद अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव समेत लगभग तीन सौ लोग बिहार में गिरफ्तार हुए थे। पटना समेत 20 जिलों में 64 एफआईआर आंदोलनकारियों पर हुई थी, जिसे वापस लिया गया है। सरकारी फैसले के अनुरूप न्यायिक प्रक्रिया से तेज प्रताप यादव दो दिन पहले छूट गए थे। उनके अलावा भी कई आंदोलनकारी जेल से छूट रहे हैं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई के खिलाफ याचिका पर सुनवाई के दौरान अंतरिम आदेश में पुलिस को जांच जारी रखने की छूट दी है, लेकिन ये साफ किया है कि इन मुकदमों में किसी बेदाग इतिहास वाले को गिरफ्तार ना किया जाए। कोर्ट अब 3 अगस्त को मामले की सुनवाई करेगा, जिस दिन केंद्र और राज्यों को अपना पक्ष रखना है। बिहार के अलावा असम में हिमंता बिस्वा सरमा की सरकार ने भी आंदोलन के दौरान दर्ज केस वापस लिए हैं।

जोश में होश खो बैठे कॉकरोच! जंतर-मंतर से उठने के बाद CJP को एक गलती का पछतावा?

जंतर-मंतर पर एक महीने से ज्यादा समय तक कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आह्वान पर चला आंदोलन 25 जुलाई को खत्म हो गया था। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी के नेताओं और केंद्र सरकार के वार्ताकार जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि आंदोलन के दौरान दिल्ली और बीजेपी शासित राज्यों में दर्ज मुकदमे वापस लेने पर सहमति बन गई है। सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद सीजेपी में बेचैनी देखी जा रही है, क्योंकि सरकार ने उन्हें लिखित आश्वासन नहीं दिया है। सीजेपी के नेता सौरव दास ने दावा किया कि सरकार ने 28 जुलाई की शाम तक लिखित गारंटी देने का भरोसा दिया था। सीजेपी ने बिहार और असम की तरह दूसरे राज्यों में भी केस वापस लेकर गिरफ्तार लोगों को छोड़ने और भविष्य में उन पर कार्रवाई नहीं करने का वादा निभाने कहा है। ऐसा ना होने पर पार्टी ने दोबारा आंदोलन की धमकी दी है।

Ritesh Verma

लेखक के बारे में

Ritesh Verma
रीतेश वर्मा पत्रकारिता में 25 साल से अलग-अलग भूमिका में अखबार, टीवी और डिजिटल में काम कर चुके हैं। दैनिक जागरण के साथ बिहार में 5 साल तक जिला स्तर की प्रशासनिक और क्राइम रिपोर्टिंग करने के बाद रीतेश ने आईआईएमसी, दिल्ली में दाखिला लेकर पत्रकारिता की पढ़ाई की। एक साल के अध्ययन ब्रेक के बाद रीतेश ने विराट वैभव से दोबारा काम शुरू किया। फिर दैनिक भास्कर में देश-विदेश का पेज देखा। आज समाज में पहले पन्ने पर काम किया। बीबीसी हिन्दी के साथ आउटसाइड कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े। अखबारों के बाद रीतेश ने स्टार न्यूज के जरिए टीवी मीडिया में कदम रखा। रीतेश ने टीवी चैनलों में रिसर्च डेस्क पर लंबे समय तक काम किया है और देश-दुनिया के विषयों पर तथ्यपरक जानकारी सहयोगियों को आगे इस्तेमाल के लिए मुहैया कराई है। सहारा समय और इंडिया न्यूज में भी रीतेश रिसर्च का काम करते रहे। इंडिया न्यूज की पारी के दौरान वो रिसर्च के साथ-साथ चैनल की वेब टीम के हेड बने और इनखबर न्यूज पोर्टल को बतौर संपादक शुरू किया। लाइव हिन्दुस्तान के साथ एडिटर- न्यू इनिशिएटिव के तौर पर पिछले 6 साल से जुड़े रीतेश फिलहाल उत्तर प्रदेश और बिहार की खबरों और दोनों राज्यों की टीम को देखते हैं। और पढ़ें
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