तेजस्वी यादव का दावा- नौकरी देने में असंभव को संभव कर दिखाएंगे; नीतीश कुमार पर क्या बोले
महागठबंधन की ओर से घोषित मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की सरकार को विपक्ष ने राह दिखाई है। यह नकलची सरकार है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन 20 वर्षों में नहीं बढ़ा था। जब हमने 15 सौ रुपये पेंशन करने की बात कही तो सरकार ने बढ़ाकर 11 सौ रुपये किया।
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा है कि राज्य के हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा सोच-समझकर किया गया है। शनिवार को हिन्दुस्तान से विशेष साक्षात्कार में तेजस्वी यादव ने दावा किया कि हमने 17 महीने के कार्यकाल में पांच लाख नौकरियां दीं। लाखों पदों पर नियुक्ति को प्रक्रियाधीन कराया। उन्होंने दावा किया कि हर परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी देने के मामले में असंभव को संभव करके दिखाएंगे।

महागठबंधन की ओर से घोषित मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की सरकार को विपक्ष ने राह दिखाई है। यह नकलची सरकार है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन 20 वर्षों में नहीं बढ़ा था। जब हमने 15 सौ रुपये पेंशन करने की बात कही तो सरकार ने बढ़ाकर 11 सौ रुपये किया। सरकार कभी मुफ्त बिजली की बात नहीं करती थी। जब हमने 200 यूनिट फ्री बिजली देने की बात कही तो सरकार ने सवा सौ यूनिट बिजली फ्री कर दी।
जबकि, सदन में मुख्यमंत्री ने कई बार कहा कि वे फ्री बिजली के पक्षधर नहीं, अनुदानित बिजली देने के पक्ष में हैं। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि हमारी घोषणा के बाद सरकार को मुफ्त बिजली देनी पड़ी। युवा, रोजी-रोजगार, नौकरी की बात विपक्ष के माहौल के कारण ही एनडीए सरकार करने लगी है। विपक्ष की इस कार्यशैली और दबाव का संदेश पूरे देश में गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ फिर से आने की संभावनाओं पर तेजस्वी यादव ने दो टूक कहा कि नीतीश कुमार का यह आखिरी चुनाव है।
विधानसभा चुनाव के बाद जदयू के कुछ लोग भाजपा में चले जाएंगे तो कुछ राजद में आ जाएंगे। जदयू नहीं रहेगा। यह पार्टी ही नहीं बचेगी। एनडीए द्वारा जंगलराज के सवाल पर राजद और विपक्ष को घेरने को लेकर उन्होंने कहा कि एनसीआरबी का अद्यतन आंकड़ा कहता है कि जिन पांच राज्यों में अधिक अपराध है, वे भाजपा शासित हैं। उत्तरप्रदेश के बाद बिहार अपराध के मामले में दूसरे पायदान पर है। यह क्या है? इस शासन को क्या कहा जाए? जंगलराज कौन सा हुआ?





