कौन ब्रांड दारू नहीं मिलता है; बिहार में शराबबंदी पर बरसे तेजस्वी, सम्राट चौधरी सरकार को लपेटा
तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार हर मोर्चे पर फेल है। दस साल बाद भी शराबबंदी कानून नाकाम है। पहले दुकान तक जाना पड़ता था। अब होम डिलेवरी की सुविधा मिल गई है।
Tejaswi Yadav on Liquor ban in Bihar: बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर राज्य में शराबबंदी पर तंज कसा है। कहा है कि यह कानून पूरी तरह से फेल है क्योंकि सत्ता में बैठे लोग ही शराब का रैकेट चला रहे हैं। उन्होंने राज्य को पेपर लीक की राजधानी बताया। 19 अगस्त को राजभवन मार्च के सवाल पर कहा कि प्रदर्शनकारियों पर एके-47 चलाने वालों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।
रविवार को तेजस्वी यादव दिल्ली से पटना लौटे। आते ही उन्होंने सरकार पर हमला तेज कर दिया। कहा कि सरकार हर मोर्चे पर फेल है। दस साल बाद भी शराबबंदी कानून नाकाम है। पहले दुकान तक जाना पड़ता था। अब होम डिलेवरी की सुविधा मिल गई है। उन्होंने पूछा कि राज्य में कौन सी दारू नहीं मिल रही है। यहां दारू माफिया बेखौफ होकर काम रहा है क्योंकि सत्ता में कुर्सी पर बैठे लोग ही रैकेट चला रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई कौन करेगा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस कानून को लेकर एनडीए के अंदर ही घमासान मचा हुआ है। जब तेजस्वी यादव से यह पूछा गया कि क्या शराबबंदी कानून की समीक्षा होनी चाहिए। तब उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि यह सवाल आप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से जाकर पूछिए? तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि बिहार में शराबबंदी बिल्कुल फेल है।
स्वतंत्रता दिवस के स्पीच में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने परीक्षा में पेपर लीक पर बड़ी घोषणा की। हाईकोर्ट जज के नेतृत्व में परीक्षा में गड़बड़ी रोकने क ेलिए कमेटी का गठन किया जाएगा। इस पर तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार पेपर लीक का राजधानी बनता जा रहा है। ऐसी कोई बहाली नहीं होती है, जब पेपर लीक नहीं होता है। राज्य में नौकरियों में कभी भी निष्पक्ष चयन नहीं होता है। बिहार शिक्षा के मामले में सबसे फिसड्डी राज्य है। छात्र अपने अधिकार के लिए लड़ते हैं तब उनके ऊपर एके 47 से गोलियां दागी जाती है। सरकार इसमें भी विफल है। पढ़ाई से परीक्षा तक की व्यवस्था बहुत ढीली है।
प्रदर्शन के दौरान सीवान में एके 47 से छात्र पर गोली चलाने पर भी उन्होंने सरकार को घेरा। कहा कि सिपाही के प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाकर गोली चलाने का आदेश किसने दिया इसकी जांच बहुत जरुरी है। इतना विरोध और आलोचना होने के बाद भी उसके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 19 अगस्त को इसके विरोध में पटना में मार्च करेंगे और गवर्नर साहब के पास जाकर सारी बातें बताएंगे। इस मार्च में उन सभी लोगों को भाग लेना चाहिए जो बिहार का हित चाहते हैं।


