तेज प्रताप यादव बेऊर जेल से रिहा हुए, छात्र आंदोलन के दौरान पटना पुलिस ने किया था गिरफ्तार
छात्र आंदोलन के बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार किए गए जेजेडी अध्यक्ष तेज प्रताप यादव मंगलवार को पटना के बेऊर जेल से रिहा कर दिए गए। जेल से बाहर आने के बाद समर्थकों ने तेज प्रताप का जोरदार स्वागत किया। उन्हें 25 जुलाई को पटना पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

बिहार के पूर्व मंत्री एवं जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव पटना के बेऊर जेल से बाहर आ गए हैं। उन्हें नीट पेपर लीक मामले में हुए छात्र आंदोलन से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था। बिहार बंद के दौरान उनपर छात्रों को पुलिस पर हमले के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप ने अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश करार दिया था। बता दें कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों से केंद्र सरकार की सहमति बनने के बाद बिहार सरकार ने भी नीट पेपर लीक आंदोलन से जुड़े केस वापस लेने का फैसला लिया है।
तेज प्रताप यादव को मंगलवार शाम बेऊर जेल से रिहा किया गया। जेल से बाहर आते ही उनके समर्थकों का उत्साह बढ़ गया। बेऊर जेल के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद जेजेडी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद कार में सवार होकर तेज प्रताप वहां से निकल गए।
25 जुलाई को पुलिस ने किया था गिरफ्तार
तेज प्रताप यादव को पटना पुलिस ने 25 जुलाई को हिरासत में लिया था। उनके खिलाफ गांधी मैदान थाने में केस दर्ज हुआ था। बीते शनिवार को बिहार बंद के दौरान उन्होंने रामगुलाम चौक पर आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं के बीच प्रदर्शन किया था। उन पर प्रदर्शनकारियों को पुलिस पर हमला करने के लिए भड़काने का आरोप लगा।
गांधी मैदान थाने में मामला दर्ज हुआ
शनिवार को पुलिस ने तेज प्रताप यादव को दोपहर में हिरासत में लिया था, फिर समर्थकों के विरोध के बाद उन्हें छोड़ दिया था। इसके बाद शाम में उन्हें एक मॉल से पुलिस ने उठा लिया। इसके बाद पटना पुलिस उन्हें थाना लेकर आई और गिरफ्तार कर दिया। कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था। उन पर भारतीय न्याय संहिता 109(1), 121 (1), 121 (2) और 132 के तहत मामला दर्ज हुआ।
तेज प्रताप ने कोर्ट में खुद को बताया निर्दोष
तेज प्रताप बीते दो दिनों से बेऊर जेल में बंद थे। पटना कोर्ट में उनकी नियमित जमानत याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई थी। तेज प्रताप के वकील ने दलील दी कि राजनीतिक गतिरोध के चलते पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। वकील ने तेज प्रताप को निर्दोष करार देते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने की मांग की। इसके बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रख लिया।
तेज प्रताप की गिरफ्तारी से भड़के थे भाई तेजस्वी
आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने अपने बड़े भाई तेज प्रताप की गिरफ्तारी पर आक्रोश जताया था। तेजस्वी ने रविवार को सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनके भाई को रिहा नहीं किया गया तो वह बड़ा आंदोलन करेंगे।
आंदोलन से जुड़े केस वापस ले रही सरकार
नीट पेपर लीक मामले में बीते कई दिनों तक देश भर में चले आंदोलन चला। बिहार में भी पिछले सप्ताह अलग-अलग शहरों में उग्र प्रदर्शन हुए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद छात्रों और सरकार के बीच गतिरोध खत्म हो गया। केंद्र सरकार ने प्रदर्शकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने का भी ऐलान किया। इसके बाद बिहार में भी आंदोलन से जुड़े केस वापस लिए जा रहे हैं। गृह विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों को निर्देश दे दिए हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो तेज प्रताप भी रिहाई भी सरकार द्वारा केस वापस लेने की वजह से हुई है।


