Bihar Politics: तेज प्रताप की JJD लड़ेगी एमएलसी चुनाव; नवंबर में खाली हो रहीं विधान परिषद की 8 सीटें
जनशक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी बिहार विधान परिषद की आगामी स्नातक और शिक्षक सीटों पर चुनाव लड़ेगी। नवंबर में आठ सीटें खाली हो रही हैं। इसे उनकी नई राजनीतिक सक्रियता के तौर पर देखा जा रहा है।

बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा करते हुए जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी बिहार विधान परिषद की आगामी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। शनिवार को वैशाली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, ‘हां, हमारी पार्टी आगामी चुनाव में कुछ एमएलसी सीटों पर चुनाव लड़ेगी’। उनके इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
एमएलसी की 8 सीटों पर इस साल चुनाव संभव
दरअसल, बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर इस वर्ष चुनाव प्रस्तावित हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए चार मौजूदा सदस्यों और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने गए चार सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि इन सीटों पर सितंबर या अक्टूबर में मतदान कराया जा सकता है।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, तिरहुत, दरभंगा और कोसी शामिल हैं। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, तिरहुत और दरभंगा प्रमुख हैं। चारों स्नातक सीटों पर कुल 4,84,943 मतदाता पंजीकृत हैं, जबकि चार शिक्षक सीटों पर 45,660 मतदाता सूचीबद्ध हैं। सीमित लेकिन प्रभावशाली मतदाता आधार वाले इन चुनावों को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है।
इन सदस्यों का कार्यकाल हो रहा खत्म
जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनमें पटना स्नातक सीट से जनता दल (यू) के नीरज कुमार, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार, तिरहुत स्नातक से बंशीधर ब्रजवासी, कोसी स्नातक से डॉ. एन.के. यादव, पटना शिक्षक सीट से भाजपा के नवल किशोर यादव, दरभंगा शिक्षक सीट से कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा और तिरहुत शिक्षक सीट से संजय कुमार सिंह शामिल हैं।
बिहार विधान परिषद राज्य की द्विसदनीय विधानमंडल व्यवस्था का ऊपरी सदन है, जिसमें कुल 75 सदस्य होते हैं। प्रत्येक सदस्य का कार्यकाल छह वर्ष का होता है और हर दो वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त होते हैं। कुछ सदस्यों को राज्यपाल द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में विशेष ज्ञान या अनुभव रखने वाले व्यक्तियों में से मनोनीत किया जाता है।
आरजेडी से 6 साल के लिए निष्कासित हैं तेज प्रताप
गौरतलब है कि तेज प्रताप यादव को उनके पिता और राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद ने 25 मई 2025 को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। इससे पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट को लेकर विवाद खड़ा हुआ था, जिसे बाद में तेज प्रताप ने हैकिंग करार दिया था। लालू प्रसाद ने उस समय उनके “गैरजिम्मेदाराना व्यवहार” का हवाला देते हुए दूरी बना ली थी।
तेज प्रताप की यह घोषणा संकेत देती है कि वे अपनी अलग राजनीतिक पहचान स्थापित करने की कोशिश में हैं। अब देखना होगा कि उनकी पार्टी किन सीटों पर उम्मीदवार उतारती है और चुनावी रणनीति कैसी रहती है।


