टेंडर घोटाले में कौन-कौन शामिल है, कैसे अफसरों का फायदा उठाया; रिमांड पर रिशु श्री से SVU के तीखे सवाल
बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में ठेकेदार रिशु श्री को रिमांड पर लेने के बाद अब एसवीयू उससे तीखे सवाल पूछेगी। एसवीयू यह जानना चाहती है कि इस बड़े घोटाले में रिशु श्री के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे और वो किस तरह अफसरों का फायदा उठाता था।

बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में भ्रष्ट ठेकेदार रिशु श्री को अब विशेष निगरानी इकाई के टेढ़े सवालों से दो-चार होनाा होगा। ऐसी उम्मीद है कि एसवीयू की सख्त पूछताछ में रिशु श्री इस घोटाले को लेकर कई बड़े खुलासे कर सकता है। टेंडर घोटाले में अब तक ठेकेदार रिशु श्री के अलावा जांच एजेंसियों के हाथ कई बड़े अधिकारियों के गर्दन तक पहुंच चुकी है। अब इस घोटाले में आगे कि अहम पूछताछ के लिए ठेकेदार रिशु श्री उर्फ रंजन सिन्हा का रिमांड एसवीयू (विशेष निगरानी इकाई) को मिल गया है। निगरानी कोर्ट ने मंगलवार को बेऊर जेल में बंद रिशुश्री से पूछताछ के लिए पांच दिनों के पुलिस रिमांड पर लेने की अनुमति एसवीयू को दे दी। इसके बाद एसवीयू की टीम बेऊर जेल पहुंची और रिशु श्री को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई।
एसवीयू ने सोमवार को ठेकेदार रिशु श्री की सात दिनों की रिमांड का अनुरोध निगरानी कोर्ट से किया था। रिशु श्री के वकील डॉ. अभिषेक प्रियदर्शी ने इसका विरोध किया। हालांकि दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद मंगलवार को कोर्ट ने पांच दिनों की रिमांड की अनुमति एसवीयू को दे दी। कोर्ट की इजाजत मिलते ही एक टीम को बेऊर जेल भेजा गया। वहां से रिशु श्री को लेकर टीम अपने साथ एसवीयू के दफ्तर पहुंची। टेंडर घोटाले में उसके साथ कौन-कौन लोग हैं और उनसे किस तरह वह अधिकारियों का फायदा उठाता रहा, इस बाबत पूछताछ की जा रही है। रिशुश्री को एसवीयू ने 28 मई को उसके घर मीठापुर से गिरफ्तार करने के बाद जेल भेजा था।
एसवीयू ने वर्ष 2025 में एफआईआर दर्ज कर टेंडर घोटाले का अनुसंधान कर रही है। इससे पहले टेंडर घोटाला मामले में ईडी ने रिशु श्री के ठिकानों पर वर्ष 2024 में छापेमारी की थी, जिसमें उसके कंपनी कार्यालय और आवास से डिजिटल उपकरण, कई दास्तावेज, मोबाइल और कई विक्रय पत्र बरामद हुए थे। वहीं ईडी ने ठेकेदार रिशु से 16 जुलाई 2024 से लेकर 1 अक्तूबर 2024 तक पीएमएलए एक्ट के तहत बयान दर्ज किया था। इस बयान में दावा किया गया कि बिहार सरकार के कई विभागों में बड़े अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर उनको कमीशन के तौर पर मोटी रकम देकर वह सरकारी ठेके मैनेज करता था।
ईडी को गिरफ्तारी से रोका
इधर सुप्रीम कोर्ट ने ईडी को टेंडर घोटाले में रिशुश्री को चार हफ्ते तक गिरफ्तार नहीं करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने रिशुश्री की अर्जी पर कहा कि हम चार हफ्ते के लिए सुरक्षा देते हैं और पटना हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर करने की छूट देते हैं। हाईकोर्ट से अनुरोध है कि वह इसी अवधि में जमानत याचिका पर फैसला करे। हालांकि, पीठ ने उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की याचिका खारिज करने संबंधी हाईकोर्ट के आदेश में दखल से इनकार किया।


