माफिया रिशु खोलेगा टेंडर मैनेजमेंट का राज, IAS अफसरों के नाम आने लगे; SVU जल्द रिमांड पर लेगी
SVU गिरफ्तार ठेकेदार रिशु को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। एसवीयू ने रिशु श्री के पटना के मीठापुर स्थित आवासीय परिसर की जांच के बाद उससे लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की। इस मामले में रिशु से ताल्लुक रखने वाले बड़े(आईएएस) अधिकारियों के नाम सामने आने लगे हैं।

विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने सरकारी ठेके में भ्रष्टाचार मामले के आरोपी नामी ठेकेदार रिशु श्री को बेऊर जेल भेज दिया। अब उसे रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। एसवीयू ने रिशु श्री के पटना के मीठापुर स्थित आवासीय परिसर की जांच के बाद बुधवार को देर रात उससे लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तारी की। इस मामले में रिशु से ताल्लुक रखने वाले बड़े(आईएएस) अधिकारियों के नाम सामने आने लगे हैं।
गुरुवार की सुबह एसवीयू थाना में दर्ज कांड संख्या 05/25 में उसे निगरानी न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया। आरोप है कि रिशुश्री ने सरकारी ठेके हासिल करने के लिए कई बड़े अफसरों को रिश्वत दी थी। आईएएस संजीव हंस से भी उसकी निकटता रही है।
एसवीयू के एडीजी पंकज कुमार दाराद ने बताया कि अभियुक्त रिशु श्री कांड से संबंधित अभिलेख लेकर विदेश भागने की योजना बना रहे थे। इनके द्वारा अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर साक्ष्यों से छेड़छाड़ और गवाहों को डराने की आशंका को देखते हुए इनकी गिरफ्तारी की गयी है। एसवीयू अब न्यायालय से रिमांड लेकर रिशु श्री से विस्तृत पूछताछ कर सकती है। पूछताछ के दौरान सरकारी ठेकों में अधिकारियों से ठेकेदारों की साठ गांठ से जुड़े कई बड़े राज से पर्दा उठने की उम्मीद है। गौरतलब है कि एसवीयू ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच रिपोर्ट के आधार पर अप्रैल 2025 में केस संख्या 05/2025 दर्ज किया था। इस एफआईआर में आईएएस संजीव हंस, रिशु श्री, उसके कर्मी संतोष कुमार व निजी कंपनी के निदेशक पवन कुमार सहित कई अज्ञात अधिकारी आरोपित बनाये गये हैं।
संजीव हंस समेत कई अफसरों को रिश्वत देने का आरोप
रिशुश्री के विरुद्ध सबसे पहले ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत मामला दर्ज किया था। इस कांड की जांच मे उजागर हुआ कि रिशुश्री ने सरकारी ठेके हासिल करने के लिए आईएएस संजीव हंस के साथ ही जल संसाधन, नगर विकास और भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन अधिकारियों को रिश्वत दी थी। जल संसाधन विभाग में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए शेवरॉक्स कंपनी को ठेका दिलाया। बाद में यह काम अपने कर्मचारी संतोष कुमार की स्वामित्व वाली कंपनी मातृस्वा कंस्ट्रक्शन को दे दिया। एसवीयू ने अप्रैल 2026 में नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की प्राथमिकी दर्ज की थी। उन पर रिशु श्री की कंपनी मेसर्स रिलायबल इंफ्रा सर्विसेज प्रा. लि. व अन्य को अपने सरकारी पद का दुरुपयोग करते हुए लाभ पहुंचाने का आरोप है।
आवास से 58 करोड़ मूल्य के 61 सेल डीड मिले थे
रिशु श्री ने अफसरों से सांठगांठ कर सरकारी ठेकों की बदौलत सिर्फ पांच से सात वर्षों में अकूत संपत्ति बनाई। ईडी ने उसके पास बरामद 61सेल डीड प्रॉपर्टी की सर्किल रेट वैल्यू 58 करोड़ रुपये लगाई थी। उसके द्वारा पटना, हाजीपुर में दो पेट्रोल पंप, दिल्ली में प्रॉपर्टी में भारी निवेश का पता चला है। साथ ही उसके पास पोर्श, बीएमडब्लू, लैंड क्रूजर सहित कई महंगी गाड़ियां भी हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं से रहे गहरे संबंध
रिशु श्री की बिहार के कई वरिष्ठ नेताओं व अधिकारियों से गहरे संबंध रहे हैं। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी के बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली मची है। सूत्रों के मुताबिक रिशुश्री ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) में दर्ज कांड में अपनी गिरफ्तारी से बचने को लेकर न्यायालय में याचिका दायर कर रखी थी। याचिका निरस्त होने के बाद एसवीयू ने जांच करते हुए गिरफ्तारी सुनिश्चित की। बुधवार को पटना में हुई जांच के दौरान रिशु श्री के आवास से 61 सेल डीड, दो करोड़ के आभूषण आदि बरामद हुए थे।
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लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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