बिहार : सीमाई जिलों के कई व्यावसायिक फर्मों में मिले संदिग्ध विदेशी निवेश, बैंक कर्मियों का भी हो रहा सत्यापन
बिहार क सीमावर्ती इलाकों के कई व्यावसायिक फर्मों में संदिग्ध विदेशी निवेश का पता चलने के बाद इनपर शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है। अब इन फर्मों की जांच आयकर विभाग करेगा। इन इलाकों मेें बैंक कर्मियों का भी सत्यापन कराया जा रहा है।

फरवरी 2026 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के तीन दिवसीय सीमांचल दौरे के बाद भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की चौकसी बढ़ी है। केंद्रीय एजेंसियां बिहार पुलिस के साथ समन्वय कर अवैध घुसपैठ, फर्जी दस्तावेज, सीमा सुरक्षा, अतिक्रमण और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों पर शिकंजा कसने को कड़े कदम उठा रही हैं। इस कड़ी में वित्तीय गतिविधियों की जांच के दौरान एजेंसियों को सीमाई जिले की कई संस्थाओं और व्यावसायिक फर्मों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं और संदिग्ध विदेशी निवेश के प्रमाण मिले हैं। इनकी जांच आयकर विभाग से कराई जा रही है। साथ ही सीतामढ़ी में सर्वाधिक 28 सहित किशनगंज में 21, पश्चिम चंपारण में 09, मधुबनी-सुपौल में छह-छह, अररिया व पूर्वी चंपारण में पांच-पांच संदिग्ध पाये गये प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा रही है।
राज्य सरकार ने बड़े लेन-देन पर नजर रखने को लेकर सीमा क्षेत्र के सभी 36 जिला अवर निबंधन कार्यालयों को 30 लाख या उससे अधिक मूल्य के बिक्री दस्तावेजों का वित्तीय लेनदेन विवरण प्रत्येक वर्ष आयकर विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। नकली नोट के चलन पर पूरी तरह से रोक लगाने को लेकर सीमावर्ती जिलों के सभी बैंक कर्मियों का पुलिस सत्यापन कराया जा रहा है। ग्राहकों का भी सी-केवाईसी हो रहा है। इसी कड़ी में सीमा पर स्थित सभी 1292 बैंक शाखाओं में नकली नोट छांटने वाली मशीनें लगाई गयी हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री की समीक्षा बैठक के दौरान आधार कार्ड सहित नकली पहचान पत्र बना कर अवैध घुसपैठ का मामला सामने आया था। इसको देखते हुए ईओयू, साइबर अपराध तथा एसटीएफ फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले केंद्रों पर शिकंजा कस रही हैं। साइबर फ्रॉड और वित्तीय हेराफेरी के लिए इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध म्यूल खातों के खिलाफ भी सीमावर्ती जिलों में कार्रवाई की गई है। इन मामलों में अपराधियों द्वारा भारतीय नागरिकों को ऑनलाइन ट्रेडिंग, निवेश पर भारी मुनाफे और नौकरी का झांसा देने के नाम पर ठगी की जा रही थी।
1000 अतिक्रमण के मामले चिह्नित किए थे
बैठक में सीमा क्षेत्र के 15 किमी दायरे में नो मेंस लैंड पर हुए अतिक्रमण का मामला भी उठा था। राज्य सरकार ने करीब 1000 अतिक्रमण के मामले चिह्नित किए थे, जिनमें से 90% अतिक्रमण हटाए जाने का दावा किया है। भारत-नेपाल सीमा पर 5343 पिलर हैं, क्षतिग्रस्त व लापता पिलरों को स्थापित करने की कार्रवाई की जा रही है।
सात जिलों को जोड़ती है 735 किमी लंबी सीमा
बिहार राज्य में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की कुल लंबाई 735 किलोमीटर है। इस सीमा पर बिहार के सात जिले पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया एवं किशनगंज सहित एक पुलिस जिला बगहा स्थित है। बिहार सरकार ने हाल ही में इन जिलों से समन्वय को लेकर आईजी (बॉर्डर) का पद सृजित कर पोस्टिंग की है।


