बिहार के तीन नए गंगा पथों का सर्वे जल्द, मनेर-बक्सर विश्वामित्र पथ 90 किमी में बनेगा
बिहार में तीन नए गंगा पथों के निर्माण को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इन पथों के निर्माण को लेकर जल्द ही सर्वे काम काम शुरू हो जाएगा। इन तीनों पथों का फाइनल एलाइनमेंट तय करने, इस पर होने वाले खर्च, ट्रैफिक दबाव आदि का आकलन करने के लिए परामर्शी का चयन किया जाना है।

बिहार में अब जल्द ही तीन और नए गंगा पथ होंगे। इन गंगा पथों के निर्माण से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। बताया जा रहा है कि बिहार में तीन नये गंगा पथों के निर्माण को लेकर सर्वे का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। इसको लेकर जारी निविदा में आधा दर्जन एजेंसियों ने आवेदन किया था। इनमें एक का चयन परामर्शी के रूप में सप्ताहभर में कर लिया जाएगा। बिहार राज्य पथ विकास निगम के द्वारा इसकी तैयारी अंतिम चरण में है। इन तीनों गंगा पथों में बिदुपुर से दिघवारा तक गंगा अंबिका पथ, मनेर-बक्सर गंगा पथ (विश्वामित्र पथ) तथा सारण जिला के दरिहारा (कोन्हुआ) से गोपालगंज जिला के डुमरिया घाट तक (नारायणी पथ) शामिल हैं।
इन तीनों पथों का फाइनल एलाइनमेंट तय करने, इस पर होने वाले खर्च, ट्रैफिक दबाव आदि का आकलन करने के लिए परामर्शी का चयन किया जाना है। इस संबंध में पथ विकास निगम के पदाधिकारी बताते हैं कि गंगा पथों पर अगले 20 से 25 सालों तक कितना ट्रैफिक दबाव होगा, इसका आकलन भी किया जाएगा। इसके साथ ही इन सड़कों पर से टोल टैक्स के रूप में कितनी राशि प्राप्त होना संभावित है, इसका भी अध्ययन किया जाएगा। यह सभी कार्य छह महीने में पूरा किया जाएगा। बिदुपुर-दिघवारा गंगा अंबिका पथ गंगा नदी के दक्षिणी छोर पर बनेगी, जिसकी लंबाई 56 किलोमीटर होगी।
मनेर-बक्सर विश्वामित्र पथ 90 किमी में बनेगा
वहीं, मनेर-बक्सर विश्वामित्र पथ 90 किलोमीटर तथा सारण के दरिहारा से गोपालगंज के डुमरिया घाट तक नारायणी पथ 73.51 किलोमीटर लंबा पथ बनेगा। इस तरह इन पथों का निर्माण पूरा होने से पटना, सारण, सीवान, गोपालगंज, भोजपुर और बक्सर आदि जिलों में आवागमन काफी सुगम होगा।
स्टेट हाइवे पर सिर्फ व्यावसायिक वाहनों से ही टैक्स
इधर बिहार सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि स्टेट हाइवे पर सिर्फ व्यावसायिक वाहनों से ही टैक्स लिया जाएगा। परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने मंगलवार को विधान परिषद की दूसरी पाली में यह जानकारी दी। राजद एमएलसी अब्दुल बारी सिद्दकी ने गैर सरकारी संकल्प पर चर्चा के दौरान सरकार से टैक्स नहीं लगाने की मांग की। इस पर परिवहन मंत्री ने कहा कि सड़क एवं अवसंरचना के विकास और सड़कों की उच्च गुणवत्ता के लिए शुल्क संग्रह जरूरी है।
इस संबंध में नियमावली अधिसूचित की जा चुकी है। हालांकि अभी लिखित आदेश जारी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केवल पीले रंग के नंबर प्लेट की गाड़ी से टैक्स वसूली के निर्देश दिए हैं। सरकार ने निर्णय लिया है कि केवल व्यावसायिक वाहनों से ही स्टेट हाइवे पर टोल टैक्स लिया जाएगा।


