
सूरजभान सिंह राजद में शामिल, मोकामा में अनंत सिंह से वीणा देवी को लड़ाएंगे तेजस्वी यादव?
राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी से इस्तीफा देकर पूर्व सांसद सूरजभान सिंह राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हो गए हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव ने सूरजभान को पार्टी की सदस्यता दी। उनकी पत्नी वीणा देवी मोकामा से अनंत सिंह के खिलाफ लड़ सकती हैं।
पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (आरएलजेपी) से इस्तीफा देकर बलिया के पूर्व सांसद सूरजभान सिंह लालू यादव के राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में शामिल हो गए हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव ने देर रात मोकामा के बाहुबली सूरजभान सिंह को पार्टी में शामिल किया है। सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी मोकामा विधानसभा सीट से राजद के टिकट पर अनंत सिंह के खिलाफ लड़ सकती हैं। वीणा मुंगेर से सांसद रही हैं। सूरजभान जेल में बंद रहते 2000 में मोकामा से ही पहली बार विधायक बने थे। तब उन्होंने अनंत के बड़े भाई और राजद की राबड़ी देवी सरकार में कद्दावर मंत्री दिलीप सिंह को बड़े मार्जिन से निर्दलीय ही हरा दिया था।

सूरजभान के परिवार में तीन पूर्व सांसद हैं। एक तो वो खुद बेगूसराय जिले की बलिया सीट से 2004 में रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) से सांसद बने। उनके बाद उनकी पत्नी वीणा देवी मुंगेर लोकसभा से 2014 में लोजपा के ही टिकट पर सांसद बनीं। फिर भाई चंदन सिंह नवादा लोकसभा सीट से 2019 में लोजपा के सांसद बने। 2024 के लोकसभा चुनाव में पशुपति पारस और उनकी पार्टी पर छाए राजनीतिक संकट की वजह से सूरजभान के परिवार में कोई चुनाव नहीं लड़ पाया।
मोकामा में 25 साल बाद महा-मुकाबला; अनंत सिंह से क्यों लड़ने जा रहे सूरजभान सिंह, कौन पड़ेगा भारी?
सूरजभान के सांसद बनने के बाद से अनंत सिंह मोकामा से लगातार पांच बार और उनकी पत्नी नीलम देवी एक बार विधायक बनी हैं। मौजूदा विधायक नीलम को अनंत सिंह ने घर बिठाकर खुद लड़ने का फैसला किया था और नीतीश कुमार की पार्टी के टिकट पर नॉमिनेशन भी कर चुके हैं। इस सीट पर अनंत सिंह पहली तीन बार जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से, फिर एक बार निर्दलीय और 2020 में राजद के टिकट पर जीते। अनंत सिंह के सजायाफ्ता होने से खाली सीट पर 2022 के उप-चुनाव में पत्नी नीलम देवी भी राजद से जीतीं। लेकिन नीतीश कुमार के 2024 में एनडीए में लौटने पर विधानसभा में शक्ति परीक्षण के दौरान सरकार के साथ हो गईं।



