सूरजभान सिंह और मुन्ना शुक्ला मर्डर केस में कोर्ट से बरी; बबलू श्रीवास्तव समेत पांच की हुई थी हत्या
Bihar Crime: हाजीपुर जेल से पेशी के लिए मुफ्फरपुर कोर्ट लाते समय बबलू श्रीवास्तव की वैशाली के पटेढ़ा में हत्या कर दी गई थी। इस घटना में चार सुरक्षा कर्मी भी मारे गए थे।

Bihar Crime News: मंत्री बृजबिहारी प्रसाद हत्याकांड में जेल की सजा काट रहे पूर्व विधायक और बहुबली नेता विजय कुमार उर्फ मुन्ना शुक्ला और पूर्व सांसद सूरजभान सिंह को पुलिस कर्मी समेत 5 लोगों की हत्या के मामले में हाजीपुर कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया है। बबलू श्रीवास्तव मुन्ना शुक्ला के भाई भुटकुन शुक्ला कांड का आरोपी था और जेल में बंद था। हाजीपुर जेल से पेशी के लिए मुफ्फरपुर कोर्ट लाते समय बबलू श्रीवास्तव की वैशाली के पटेढ़ा में हत्या कर दी गई थी। इस घटना में तीन सुरक्षा कर्मी भी मारे गए थे। मुन्ना शुक्ला के परिजनों का कहना है कि भुटकुन शुक्ला से संबंध होने के कारण मुन्ना शुक्ला और सूरजभान का नाम केस में फंसा दिया गया था। कोर्ट ने न्याय किया है। फैसले के वक्त दोनों कोर्ट में मौजूद थे।
सराय थाने के पटेढ़ा अख्तियारपुर गांव के पास (वर्तमान के एनएच-22) पर करीब 28 वर्ष पूर्व पुलिस वैन पर अंधाधुंध फायरिंग कर एक बंदी समेत चार पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में शुक्रवार को अदालत का फैसला आया। इस सनसनीखेज मामले के आरोपी लालगंज के पूर्व विधायक विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला और पूर्व सांसद सूरज भान को अदालत ने शुक्रवार को बरी कर दिया। सिविल कोर्ट के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय उमेश कुमार ने जजमेंट के दौरान दोनों को बरी कर दिया। जजमेंट आने के बाद यह जानकारी इस कोर्ट के एपीपी राजकुमार सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि इस मामले में अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए दोनों अभियुक्तों को बरी कर दिया। गवाहियों ने अदालत में अभियुक्त के रूप में पहचान नहीं की। बताया गया कि करीब 28 वर्ष पूर्व सराय बाजार से आगे पटेढ़ा अख्तियारपुर पटेढ़ा के पास सनसनीखेज घटना हुई थी। हाजीपुर मंडल कारा से एक विचाराधीन बंदी को लेकर मुजफ्फरपुर जेल में शिफ्ट करने के लिए सुरक्षा कर्मी बंद गाड़ी में लेकर जा रहे थे। इसी बीच पहले से वहां घात लगाए बैठे अपराधियों ने बंदी और पुलिस की गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस घटना में चार पुलिस कर्मी और एक बंदी की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस संबंध में सराय थाने में कांड संख्या 114/97 दर्ज किया गया था। इस कांड में विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला और सूरजभान को नामजद अभियुक्त बनाया गया था। धारा 302, 307, 353, 120 बी, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
वर्ष 1999 में पुलिस ने गठित किया आरोप
घटना के लगभग दो साल बार 1999 में पुलिस ने विजय कुमार शुक्ला उर्फ मुन्ना शुक्ला और सूरज भान पर हत्या और हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में आरोप गठित कर दिया। न्यायालय में आरोप समर्पित कर दिया। वर्ष 2000 से न्यायायल में केस का सेशन ट्रॉयल शुरू हुआ। अपर लोक अभियोजक राजकुमार सिंह ने बताया कि इस वाद की सुनवाई के दौरान कुल 31 गवाही कराई गई। लम्बे समय तक सेशन ट्रॉयल चला। उन्होंने बताया कि ट्रॉयल के दौरान अदालत में विजय कुमार शुक्ला को कई गवाहियों ने विधायक के रूप में पहचान की। किसी ने अभियुक्त के रूप में दोनों में से किसी की पहचान नहीं की। बचाव पक्ष की ओर से शहर के वरीय अधिवक्ता रामनाथ शर्मा ने अदालत में बहस की। बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों को भी बरी किए जाने की जानकारी दी।
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Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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