चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव को 'सुप्रीम' राहत, जमानत रद्द करने से कोर्ट का इनकार
चारा घोटाले में दोषी लालू प्रसाद यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है। झारखंड हाईकोर्ट ने राजद सुप्रीमो को जमानत दी थी।

देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को बड़ी राहत मिली है। चारा घोटाले में लालू प्रसाद यादव को यह बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री की जमानत रद्द करने से इनकार कर दिया है। दरअसल चारा घोटाला में लालू प्रसाद यादव दोषी ठहराए जा चुके हैं और उन्हें सजा भी मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद यादव को जमानत दी थी। इस जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। अदालत ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश में किसी भी तरह के हस्तक्षेप से इनकार कर दिया है।
इस मामले में ईडी ने लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने से संबंधित एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी। याचिका मेंं झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की थी। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाने से मना कर दिया है। अदालत ने इस याचिका पर कोई भी आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। अदालत ने झारखंड उच्च न्यायालय के फैसले में दखल देने से इनकार करते हुए अदालत को जल्द मामले की सुनवाई करने के लिए कहा। अदालत ने कहा कि उच्च न्यायालय जल्द से जल्द इस केस से जुड़े सभी मामलों में सुवनाई पूरा करे।
याचिका पर सुवनाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि लालू प्रसाद यादव को जमानत मिले 7 साल हो चुके हैं। याचिकाकर्ता की तरफ से सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू की तरफ से दलील दी गई थी कि चारा घोटाले के दोषी लालू प्रसाद यादव की सजा निलंबित करने का हाईकोर्ट का आदेश तथ्यात्मक रूप से गलत है। अदालत ने यह कहते हुए राहत दी थी कि दोषी ने अपनी सजा का 50 फीसदी हिस्सा पूरा कर लिया है जो कि तथ्यों के आधार पर सही नहीं है। लेकिन तमाम दलीलों को सुनने के बाद उच्चतम न्यायालय ने लालू प्रसाद यादव को हाईकोर्ट से मिली जमानत को रद्द करने से इनकार कर दिया। इसका मतलब यह हुआ कि लालू प्रसाद यादव की जमानत पर रोक नहीं लगी है और वो फिलहाल जमानत पर रहेंगे।
लालू को सिंगापुर जाने की भी मिली थी इजाजत
झारखंड के रांची सिविल कोर्ट से चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सूप्रीमो लालू प्रसाद यादव को इससे पहले सिंगापुर जाने की भी अनुमति मिल गई थी। रांची की अपर न्यायायुक्त अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत ने उनका पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश दिया था। अदालत के इस फैसले के बाद लालू यादव सिंगापुर भी गए थे। लालू प्रसाद यादव को किडनी ट्रांसप्लांट के बाद नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए सिंगापुर के चिकित्सकों ने बुलाया था। डॉक्टरों ने उन्हें एक जून के बाद रूटीन चेकअप के लिए आने की सलाह दी थी। इसी कारण उन्होंने अदालत में पासपोर्ट रिलीज करने की याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था।
चारा घोटाले से जुड़े कई मामलों में लालू प्रसाद यादव को सजा सुनाई जा चुकी है। डोरंडा, चाईबासा, देवघर और दुमका कोषागार से करोड़ों रुपये की अवैध निकासी के मामलों में सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया था। हालांकि, स्वास्थ्य कारणों और अन्य कानूनी आधारों पर उन्हें फिलहाल जमानत मिली हुई है। इसी वजह से विदेश यात्रा के लिए उन्हें अदालत से अनुमति लेनी पड़ी थी।


