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सुपौल में दो को आजीवन कारावास

जिले के चर्चित नीरज हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायधीश अनिल कुमार सिंह की कोर्ट ने गुरुवार को दो आरोपितों को दोषी करार देते हुए आजीवन करावास की सजा सुनायी। सजा पाने वालों में मधेपुरा जिले के कुमारखंड के लक्ष्मीपुर भगवती निवासी पंचानंद दास और कुमारखंड श्रीनगर के पप्पू कुमार यादव उर्फ रमेश यादव हैं। दोनों को धारा 302 के तहत आजीवन करावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 394 के तहत 10 साल और 10 हजार रुपये अर्थदंड और आर्म्स एक्ट के तहत तीन साल सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनायी गयी। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अर्थदंड की राशि नहीं देने पर अभियुक्तों को तीन साल अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। 10 जुलाई 2010 को त्रिवेणीगंज थाना क्षेत्र के परसाही गांव निवासी नीरज कुमार सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी। श्री सिंह एयरटेल कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटर का काम करते थे। 10 जुलाई को शाम साढ़े 6 बजे उसने अपने परिवार वालों फ़ोन कर कुछ देर में आने को कहा। कुछ देर बाद नीरज के चचेरे भाई और केस के सूचक ललन कुमार सिंह के फोन पर सूचना मिली की नीरज को अज्ञात अपराधकर्मियों ने गोली मार दी है। परिजन नीरज को देखने घीवहा चौक पहुंचे तबतक नीरज की मौत हो चुकी थी। परिजनों ने छातापुर थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। बाद में पुलिस ने जांच के क्रम में अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक सारंग कुमारी और बचाव पक्ष की ओर से संजय कुमार सिंह ने बहस में भाग लिया। गश्ती पर निकले चौकीदार और सिपाही थे प्रत्यक्षदर्शी : 10 जुलाई को चौकीदार भीम पासवान और अनि उदय पासवान शाम की गश्ती पर निकले थे। इसी दौरान उन्होंने एक बाइक पर सवार दो लोगों को एक दूसरे बाइक सवार का पीछा करते देखा। जब तक वे कुछ समझ पाते इतने में दोनों बाइक सवारों ने ओवर टेक कर आगे वाली बाइक चालक को पकड़ लिया और बैग छीनने लगे। बैग नहीं देने पर उसे गोली मार दी। जब तक चौकीदार और सिपाही वहां पहुंचते अपराधी भाग निकले। लेकिन उन्होंने दोनो अपराधियों का चेहरा देख लिया। बाद में दोनों ने ही अपराधियों की पहचान की ।

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  • Web Title:Two get life imprisonment in niraj murder case at Supaul