सुपौल : ई-संजीवनी सेवा में सुधार के लिए जारी किया सख्त आदेश
सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा में सुपौल जिले के खराब प्रदर्शन को लेकर हिन्दुस्तान में प्रमुखता से प्रकाशित खबर का असर सामने आया है। जिले में अप्रैल माह के दौरान निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले महज 44 प्रतिशत उपलब्धि हासिल होने की खबर प्रकाशित होने के बाद जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, अस्पताल उपाधीक्षकों, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (सीएचओ) और एएनएम को सख्त निर्देश जारी किए हैं।

सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा में सुपौल जिले के खराब प्रदर्शन को लेकर हिन्दुस्तान में प्रमुखता से प्रकाशित खबर का असर सामने आया है। जिले में अप्रैल माह के दौरान निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले महज 44 प्रतिशत उपलब्धि हासिल होने की खबर प्रकाशित होने के बाद जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों, अस्पताल उपाधीक्षकों, सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों (सीएचओ) और एएनएम को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
स्वास्थ्य समिति के निर्देश
सिविल सर्जन सह जिला स्वास्थ्य समिति के सदस्य सचिव की ओर से जारी पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि टेली-कंसल्टेंसी सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लक्ष्य के अनुरूप मरीजों को सुविधा उपलब्ध कराई जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन की उपलब्धि
हिन्दुस्तान ने 3 जून के अंक में ‘ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवा में सुपौल पिछड़ा’ शीर्षक से प्रकाशित विशेष खबर में खुलासा किया था कि अप्रैल 2026 में जिले को 20,760 टेली-कंसल्टेशन का लक्ष्य मिला था, लेकिन केवल 9,072 मरीजों को ही विशेषज्ञ चिकित्सकों से ऑनलाइन परामर्श मिल सका।
निर्देशों की महत्वता
4 जून को जारी पत्र में सीएस बाबू साहब झा ने कहा है कि ई-संजीवनी सेवा को लेकर पूर्व में भी कई बार पत्र और दूरभाष के माध्यम से निर्देश दिए जा चुके हैं।
समाधान की तैयारी
विभाग इस सेवा की उपलब्धि बढ़ाने के लिए जवाबदेही तय करने की तैयारी में जुट गया है।
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