सुपौल : अनुमंडलीय अस्पताल की व्यवस्था बदहाल, जांच की मांग
सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। अनुमंडलीय अस्पताल निर्मली की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े

सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। अनुमंडलीय अस्पताल निर्मली की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बड़हरा निवासी 41 वर्षीय बसंत सिंह ने इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही और अनियमितता का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है। मामला गुरुवार की बताई जा रहा है। मरीज के अनुसार वह बुखार, सिरदर्द और चक्कर आने की शिकायत के बाद अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि पंजीयन काउंटर पर उनसे निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूली गई। इसके बाद जब वे ओपीडी में पहुंचे तो वहां डॉक्टर की जगह एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की एक प्रशिक्षु छात्रा द्वारा उन्हें दवा का पर्चा दिया गया।
मरीज ने बताया कि उनका तापमान लगभग 103 डिग्री था, लेकिन पर्चे में दी गई दवा से राहत नहीं मिली और बुखार के लिए आवश्यक दवा नहीं लिखी गई। इस पर उन्होंने आपत्ति जताई। मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रबंधक मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे और हस्तक्षेप करते हुए दोबारा डॉक्टर से जांच कराई, जिसके बाद इलाज की प्रक्रिया पूरी कराई गई। पंजीयन और इलाज व्यवस्था पर उठे सवाल: मरीज ने आरोप लगाया कि अस्पताल में न सिर्फ पंजीयन प्रक्रिया में अनियमितता है, बल्कि मरीजों के इलाज में भी गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके। मरीज ने यह भी सवाल उठाया कि गंभीर स्थिति में मरीजों को प्रशिक्षु छात्राओं के भरोसे कैसे छोड़ा जा रहा है। उन्होंने इस प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है, ताकि मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. शैलेन्द्र कुमार ने बताया कि मरीज की शिकायत का तत्काल समाधान कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि संबंधित डॉक्टरों और स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। अस्पताल प्रशासन ने बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने का भरोसा दिलाया है।
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