
सुपौल : धान खरीद व भुगतान में सुपौल सूबे में टॉप, किशनगंज दूसरे तो मधेपुरा तीसरे नंबर पर
सुपौल में धान की खरीद में तेजी आई है, किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर धान बेचने में रुचि दिखा रहे हैं। 29 दिन में 1758 किसानों से 11308.506 एमटी धान खरीदा गया है। सरकार ने पिछले साल के लक्ष्य के अनुसार धान अधिप्राप्ति की है। डीसीओ संतोष कुमार ने कहा कि खरीदारी में और तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।
सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। नमी की समस्या खत्म होते ही जिले में धान की खरीद ने रफ्तार पकड़नी शुरू की है। सरकारी क्रय केन्द्रों पर किसान धान बेचने में अभिरूचि ले रहे हैं। इसी का नतीजा है कि धान खरीदारी में सुपौल रोहतास और पटना को पछाड़कर सूबे में पहले पायदान पर पहुंच गया है। सरकार के सहकारिता विभाग द्वारा जिले को लक्ष्य नहीं मिला है लेकिन पिछले साल के लक्ष्य को सांकेतिक लक्ष्य मानकर धान अधिप्राप्ति की जा रही है। 29 दिन में 1758 किसानों से 11308.506 एमटी यानि 1 लाख 13 हजार 85 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है।

यही नहीं 28 नवंबर तक 931 किसानों को 13 करोड़ 87 लाख 69 हजार 402 रुपये का भुगतान भी हो चुका है। इसके लिए 133 पैक्स और 9 व्यापार मंडल को अधिकृत किया गया है। वहीं 684 किसानों से 6209.755 एमटी धान की खरीद कर किशनगंज दूसरे नंबर पर काबिज है। तीसरे पायदान पर मधेपुरा है जहां 29 नवंबर शाम 4 बजे तक 803 किसानों से 6106.585 एमटी धान की खरीद हुई है। चौथे स्थान पर पूर्णिया आता है जहां 761 किसानों से 5603.975 एमटी और पांचवें स्थान पर अररिया में 780 किसानों से 5505.250 एमटी धान की खरीदारी हो चुकी है। डीसीओ संतोष कुमार ने बताया कि विभाग इसमें और तेजी लाने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए पैक्स और व्यापार मंडल अध्यक्षों को नर्दिेश दिया गया है। हर रोज धान खरीदारी की ऑन लाइन इंट्री की जा रही है। डीसीओ के मुताबिक जिले में जिले में 12812 किसानों ने क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया है। बताया कि सप्ताह में तीन दिन अधिकारी धान अधप्रिाप्ति के लिए फील्ड में जाकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। डीसीओ श्री कुमार ने बताया कि 16 मिलों का चावल आपूर्ति के लिए रजिस्टे्रशन हुआ है। इसमें 10 मिल उसना और 6 अरवा चावल की आपूर्ति करेगा। सहकारिता विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में धान खरीदारी में त्रिवेणीगंज पहले स्थान पर है। यहां 369 किसानों से 2472.343 एमटी धान खरीदी गई है जबकि 303 किसानों से 1970.128 एमटी धान खरीदकर छातापुर दूसरे स्थान पर है। तीसरे स्थान पर सदर प्रखंड है जहां 233 किसानों से 1518.548 एमटी धान की अधप्रिाप्ति की गई है। सबसे कम निर्मली और मरौना में महज 35-35 किसानों से धान की खरीद हुई है। सहकारिता विभाग के मुताबिक निर्मली में 204.200 एमटी और मरौना में 233.373 एमटी धान की खरीद हुई है। उधर, जिला सहकारिता कार्यालय में शनिवार चयनित मिलरों के साथ डीसीओ संतोष कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें डीसीओ ने मिल मालिकों से अविलंब मिलिंग चालू कर सीएमआर आपूर्ति शुरू कराने को कहा। इसके लिए मिलरों को पैक्स से एकरारनामा करने का निर्देश दिया गया। डीसीओ ने कहा कि सभी मिलर धान अधिप्राप्ति अवधि में पूर्ण क्षमता का उपयोग करते हुए ससमय सीएमआर आपूर्ति कराना सुनिश्चित करेंगे ताकि पैक्सों में भंडारण की समस्या न हो और अधिक से अधिक किसानों से धान अधिप्राप्ति किया जा सके। डीसीओ ने बताया कि मिलों पर बीसीओ को प्रतिनियुक्त कर दिया गया है जो सीएमआर आपूर्ति की न सिर्फ मॉनिटरिंग करेंगे बल्कि पैक्स और मिलरों के बीच समन्वय बनाकर समसय सीएमआर की आपूर्ति कराएंगे। मिलरों को बताया कि 1 नवंबर 2025 से 30 जून 2026 तक सीएमआर की आपूर्ति करने की तिथि निर्धारित है।

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