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किताब खरीदने के लिए छात्रों को नहीं मिली राशि

किताब खरीदने के लिए छात्रों को नहीं मिली राशि

सुपौल | हिन्दुस्तान प्रतिनिधि

राज्य के स्कूली बच्चों को अब पोशाक खरीदने के बाद किताब खरीदने के लिए खाते में राशि दिये जाने का आदेश दिया गया। प्रारंभिक स्कूलों के करीब चार लाख बच्चों के लिए 1 से15 मई तक खाते में राशि भेजने का आदेश दिया गया था। राज्य सरकार ने 2017-18 के सत्र में भी बच्चों के खाते में राशि दे देने की तैयारी की थी लेकिन केंद्र से इसकी सहमति नहीं मिलने के कारण बच्चों को सत्र समाप्ति के एक महीना पहले किताब मिली। 2018-19 सत्र में बच्चों को किताब के बदले राशि देने पर सहमति बनी है। इससे क्लास एक से आठ तक के बच्चे बाजार से किताब खरीद सकेंगे और सत्र शुरू होने के साथ ही किताब के साथ पढ़ाई कर सकेंगे। लेकिन नये सत्र के लगभग डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी छात्रों के खाते में राशि नहीं पहुंचने के कारण छात्र किताबी ज्ञान से दूर हैं। भले ही अभिभावक उन्हें स्कूल भेज रहें हैं लेकिन किताब नहीं रहने के कारण बच्चे किताबी ज्ञान से वंचित हो रहे हैं। सभी संकुल से छात्रों की सूची भेजी जानी है। लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण अब तक सभी जगहों से सूची भी नहीं मिल सका है। निर्धारित की गयी राशि : क्लास एक से दो तक के छात्रों को 150 रुपये, क्लास तीन से पांच तक के छात्रों को 250 रुपये और क्लास छह से आठ तक के छात्रों को 300-350 रुपये सीधे बच्चों के खाते में दी जायेगी। पुरानी पुस्तक पढ़कर छात्र देंगे परीक्षा : पिछले साल छात्रों के बीच बांटी गयी पुस्तक सभी छात्रों से वापस लेकर नये क्लास में जाने वाले छात्रों को बीच वितरण करने का आदेश दिया गया है। छात्र पुरानी पुस्तक पढ़कर ही अब परीक्षा देंगे। इसके बाद अगर छात्र पुस्तक से वंचित रह जाते हैं तो उन्हें पुस्तक खरीदने के लिए खातें में राशि दी जायेगी।

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  • Web Title:Students did not get the amount to buy the book