सुपौल : इंडो-नेपाल सीमा पर सुरक्षा का सघन ऑडिट, डीआईजी-एसपी ने की पड़ताल
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डीआईजी डॉ. कुमार आशिष और एसपी शरथ आरएस ने वीरपुर और भीमनगर का निरीक्षण किया। सीमा चौकियों और कस्टम कार्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने तकनीकी निगरानी और अभिलेख संधारण में लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।

वीरपुर, एक संवाददाता। भारत-नेपाल सीमावर्ती इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की कवायद तेज हो गई है। बुधवार को कोसी रेंज के डीआईजी डॉ. कुमार आशिष और एसपी शरथ आरएस ने वीरपुर और भीमनगर क्षेत्र का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा तंत्र की समीक्षा की। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर हुए इस दौरे में सीमा चौकियों, कस्टम कार्यालय और थाना परिसर तक व्यवस्थाओं की पड़ताल की गई। मौके पर डीआईजी डॉ. कुमार आशिष ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तय कर सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाएगा। निरीक्षण के दौरान वीरपुर एसडीएम नीरज कुमार, एसडीपीओ सुरेन्द्र कुमार, सर्किल इंस्पेक्टर राजेश कुमार, वीरपुर थानाध्यक्ष राजकिशोर मंडल, भीमनगर थानाध्यक्ष पंकज कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान डीआईजी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम सबसे पहले वीरपुर पहुंची, जहां से भीमनगर स्थित एसएसबी चेक पोस्ट का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने बॉर्डर पर लगाए गए एक्स-रे (स्कैनर) मशीन की कार्यप्रणाली को समझा और जवानों से संदिग्ध वस्तुओं की पहचान की प्रक्रिया की जानकारी ली। भीमनगर चेक पोस्ट पर तैनात उत्पाद विभाग के कर्मियों से पूछताछ करते हुए रजिस्टर संधारण, जब्ती प्रविष्टि और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की भी जांच की गई। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्र में तकनीकी निगरानी और अभिलेख संधारण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। वापस लौटने के क्रम में अधिकारी भीमनगर कस्टम कार्यालय पहुंचे। यहां कस्टम सुपरिंटेंडेंट से सीमा पार आवागमन, इंडो-नेपाल व्यापार और कस्टम प्रक्रिया की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली गई। अधिकारियों ने राजस्व और सुरक्षा दोनों दृष्टिकोण से निगरानी तंत्र को और प्रभावी बनाने पर बल दिया। बैठक में विभिन्न विभागों के समन्वय को मजबूत करने और सूचना साझा करने की प्रक्रिया को तेज करने पर भी चर्चा हुई। निरीक्षण के क्रम में भीमनगर थाना का भी जायजा लिया गया। थाना परिसर की बाउंड्री वॉल अधूरी पाई गई तथा पुलिसकर्मियों के आवासीय सुविधाओं में कमी देखी गई। डीआईजी ने संबंधित अधिकारियों को आधारभूत संरचना सुदृढ़ करने और शीघ्र सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


