Supaul News: सुपौल : सीएम के तगड़े सुरक्षा घेरे में जनता-मीडिया दूर, हाथ लगी मायूसी
Supaul News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बलुआ बाजार आगमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी थी कि आम जनता और मीडिया को दूरी बनाकर रखना पड़ा। प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए थे, जिससे कई लोग मुख्यमंत्री की एक झलक पाने में असफल रहे। पत्रकारों को भी कवरेज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

Supaul News: त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बुधवार को बलुआ बाजार आगमन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था इतनी कड़ी रही कि आम जनता और मीडिया दोनों ही मुख्यमंत्री से दूर हो गए। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्रा की सातवीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए थे। कार्यक्रम स्थल से लेकर आसपास की सड़कों और गलियों तक पुलिस बल व दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी। सुरक्षा के कई स्तर बनाए गए थे। इसका असर यह रहा कि मुख्यमंत्री की एक झलक पाने और कार्यक्रम को करीब से देखने पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा की कई परतें तैयार की थीं।
सुरक्षा इंतजाम
कार्यक्रम स्थल के साथ मुख्य सड़कों, गलियों और प्रवेश मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती रही। बैरिकेडिंग और रस्सी के घेरे के कारण आम लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई थी। सुरक्षा घेरा इतना कड़ा था कि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को मुख्यमंत्री के करीब जाने की अनुमति नहीं थी। मुख्यमंत्री को देखने के लिए आसपास के गांवों और बाजार क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग बलुआ बाजार पहुंचे थे। इनमें महिलाएं और युवा भी शामिल थे। लोगों को कार्यक्रम स्थल से काफी पहले ही रोक दिया गया। कई लोग सड़क किनारे खड़े होकर मुख्यमंत्री के आने और कार्यक्रम समाप्त होने तक इंतजार करते रहे।
मीडिया की समस्या
कार्यक्रम की कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकारों को भी सुरक्षा व्यवस्था के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। मीडियाकर्मियों के अनुसार जिला प्रशासन की ओर से विधिवत प्रवेश पास जारी किया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों ने कई पत्रकारों को मुख्य परिसर और निर्धारित कवरेज स्थल में प्रवेश करने से रोक दिया। पत्रकारों का कहना था कि पास दिखाने के बाद भी उन्हें काफी देर तक बाहर इंतजार करना पड़ा। कई मीडियाकर्मियों को घंटों प्रयास के बाद भी अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। इससे पत्रकारों में नाराजगी देखी गई। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है, लेकिन अधिकृत मीडियाकर्मियों के लिए पहले से स्पष्ट और समन्वित प्रवेश व्यवस्था होनी चाहिए थी, ताकि सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित किए बिना समाचार संकलन किया जा सके। चिलचिलाती धूप और गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मुख्यमंत्री को देखने पहुंचे थे। प्रशासन ने सड़क किनारे रस्सी का घेरा बनाकर लोगों को काफी दूरी पर रोक दिया। मुख्यमंत्री की एक झलक पाने की उम्मीद में लोग घंटों इंतजार करते रहे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद जब लोगों को मुख्यमंत्री के नजदीक जाने या उन्हें ठीक से देखने का मौका नहीं मिला तो कई लोग मायूस होकर वापस लौट गए। लोगों का कहना था कि वे मुख्यमंत्री को देखने के लिए दूर-दराज से आए थे, लेकिन सुरक्षा घेरे के कारण उनकी उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।


