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27 सितम्बर, 2020|2:35|IST

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पारा चढ़ते ही मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ा

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मौसम का मिजाज तल्ख होने लगा है। सुबह से तीखी धूप निकल जा रही है और दोपहर होते-होते तेज गर्मी का एहसास होने लगा है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री पर रहा लेकिन न्यूनतम तापमान 23 डिग्री पर पहुंच गया। पछिया हवा नहीं चलने से गर्म का झुलसाने वाली गर्मी का एहसास नहीं हुआ। मौसम की तल्खी की वजह से दोपहर में सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम दिखी। जरूरी काम के लिए इक्का-दुक्का लोग सड़क पर दिखे। मौसम विभाग के पुर्वानुमान के मुताबिक अगले दो दिनों में मौसम में कभी बदलाव हो सकता है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं गरज साथ बूंदाबूंदी हो सकती है। मौसम विभाग के पुर्वानुमान के मुताबिक 2 मई तक कभी भी मौसम चेंज हो सकता है और इस दौरान 25 किमी की रफ्तार से पछिया हवा चलने का अनुमान है। अगले तीन दिनों तक सुबह में आर्द्रता 70 प्रतिशत और दोपहर में 50 प्रतिशत आर्द्रता रहने की संभावना है। उधर, डॉ. मिहिर कुमार वर्मा ने बताया कि पल-पल बदल रहे इस मौसम में डायरिया और वायरल बीमारी की समस्या बढ़ी है। कहा कि बच्चे और बूढ़ों में संक्रमण का अधिक खतरा रहता है। इसलिए उन्हें हाल में सार्वजनिक जगहों पर जाने से बचना चाहिए।आम के फलों को कीटों से बचाने के लिए करें दवा का छिड़काव : कृषि विज्ञान केन्द्र राघोपुर के मुख्य कृषि वैज्ञानिक डॉ. विपुल मंडल ने आम के फलों के बचाव को लेकर सुझाव जारी किया है। बताया कि मौसम की बेरूखी के कारण आम की फसल पर रेड बैंडेड कैटरपीलर नामक कीट का प्रकोप बढ़ जाता है। कीट फलों में छेदकर अंदर प्रवेश कर जाता है। इससे टिकोला सूखकर गिरने लगता है। इससे बचाने के लिए थायोमीथोक्जम 5 ग्राम पानी 25 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करने से भी इन कीटों से छुकटकारा मिल जाएगा।

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  • Web Title:Risk of seasonal diseases increases as mercury rises