सुपौल : गांवों में लकड़ी के चूल्हे पर बन रहा भोजन
कुनौली क्षेत्र में एलपीजी गैस की आपूर्ति में अनिश्चितता और महंगाई बढ़ने के कारण ग्रामीणों को लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। बेरियाघाट की रमिया देवी ने बताया कि गैस सिलेंडर भरवाना महंगा हो गया है, जिससे गरीब परिवारों को लकड़ी का उपयोग करना पड़ रहा है।

कुनौली , निज प्रतिनिधि। क्षेत्र में इन दिनों एलपीजी गैस की आपर्ति को लेकर बनी अनिश्चतता और बढ़ती महंगाई का असर ग्रामीण इलाकों की रसोइ पर भी दिखने लगा है। रविवार सुबह करीब आठ बजे निर्मली प्रखंड के बेरियाघाट के एक बस्ती में की गई पड़ताल में कई घरों में गैस की बजाय लकड़ी के चूल्हे पर ही भोजन बनता पाया गया। बस्ती में गोद मे बच्चे के लिए रमिया देवी लकड़ी के चूल्हे पर चावल पकाती नजर आई । उन्होंने बताया कि पहले गैस पर खाना बनाती थी , लेकिन अब सिलेंडर भरवाना महंगा पड़ता है। गैस मिलने में भी दिक्कत की बात सुनने को मिल रही है।
इसलिए लकड़ी से ही खाना बनाना पड़ रहा है। हम गरीब लोग हैं, हर बार गैस भरवाना आसान नहीं है, उन्होंने कहा। बस्ती की ही चन्द्रा देवी और रधिया देवी ने भी बताया कि पहले गैस क उपयोग करती थीं। लेकिन अब गैस की परेशानी और खर्चा बढ़ने के कारण लकड़ी के चल्हे पर ही भोजन बनान पड़ रहा है। वहीं डगमारा गांव की सुमरित देवी ने बताया कि घर में गैस सिलेंडर तो है, लेकिन रोजमर्रा का खाना लकड़ी पर ही बनता है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


