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बैंक की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

बैंक की सुरक्षा पर उठ रहे सवाल

एसबीआई बाजार शाखा की सुरक्षा एक चौकीदार के भरोसे है। सुरक्षा व्यवस्था का हाल यह है कि कोई भी व्यक्ति बैंकिंग आवर में बेरोकटोक कहीं भी जा आ सकते हैं।

कैश काउंटर के पास भी आम लोग बेहिचक आते-जाते हैं। सोमवार को रुपयों से भरे बैग को अज्ञात बदमाशों द्वारा कैश काउंटर के सुरक्षित क्षेत्र में घुस कर ले जाना बैंक की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है।

दो माह से हो रही है ंघटनाएं : पिछले दो माह में दो फर्जी निकासी के बाद 28 मई को कैश काउंटर के पास से रुपयों भरा बैग लेकर भागने की घटना हो चुकी है। इसके पहले 18 अप्रैल को इसी बैंक परिसर में एटीएम से राशि निकालने के लिए आये गोविंदपुर पंचायत निवासी रविन्द्र यादव का एटीएम कार्ड बदल कर बदमाशों ने उनके खाते से 15 हजार की राशि निकाल ली थी।

इसके बाद 18 मई को फिर इसी ब्रांच परिसर में तेकुना पंचायत निवासी अशर्फी सादा का एटीएम कार्ड बदलकर बदमाशों ने 12 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिये।

बैंक में घूमते रहते हैं अनाधिकृत लोग : बैंक परिसर में हो रही घटनाओं से बैंक प्रबंधन कोई सरोकार नहीं रखना चाहता है। प्रबंधन का कहना है कि बैंक परिसर में आने वालों की चेकिंग करने का काम ड्यूटी पर तैनात चौकीदार या पुलिसकर्मी का है।

ग्रहकों का कहना है कि बैंक में कुछ अनिधिकृत रूप में काम करने वाले लोग भी मौजूद रहते हैं। ऐसे अनिधिकृत लोग बैंक के महत्वपूर्ण कागजातों को टेबल पर लाने ले जाने में काम करते हैं। ग्राहकों का कहना है कि कैश काउंटर के प्रतिबंधित क्षेत्र में कैसे आम आदमी चले जाते हैं।?

सोमवार को घटना के पूर्व चौकीदार को किस अधिकार के तहत मैनेजर ने छुट्टी दे दी जबकि चौकीदार को बैंक परिसर से छुट्टी देने के लिए थानाध्यक्ष ही अधिकृत होते हैं। ऐसे कई पहलू हैं जो बाजार ब्रांच की कुव्यस्था को दर्शाता है। सोमवार की घटना के बाद तरह-तरह की चर्चा हो रही है।

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  • Web Title:Question about the safety of the bank