Supaul News: सुपौल : एसआईटी भी बेअसर, बरैल चोरीकांड में डेढ़ माह बाद भी पुलिस के खाली हाथ

हिन्दुस्तान, सुपौल
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Supaul News: सुपौल के सदर थाना क्षेत्र के बरैल में कुंदन प्रसाद सिंह के घर हुई चोरी की गुत्थी डेढ़ माह बाद भी नहीं सुलझी है। 22 अप्रैल को मामला दर्ज होने के बावजूद पुलिस अभी तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पीड़ित परिवार ने एसआईटी की जांच की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।

Supaul News: सुपौल : एसआईटी भी बेअसर, बरैल चोरीकांड में डेढ़ माह बाद भी पुलिस के खाली हाथ

Supaul News: सुपौल, हिंदुस्तान संवाददाता। सदर थाना क्षेत्र के बरैल में 20 अप्रैल को कुंदन प्रसाद सिंह के घर हुई चर्चित चोरी की गुत्थी डेढ़ माह बाद भी नहीं सुलझ पाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 22 अप्रैल को कांड संख्या 296/26 दर्ज किया और चार दिन बाद 26 अप्रैल को एसआईटी का गठन भी कर दिया। आमतौर पर एसआईटी का गठन किसी मामले में तेजी और प्रभावी जांच का संकेत माना जाता है, लेकिन इस मामले में अब तक न तो किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही चोरी गए सामान की बरामदगी। इससे पुलिस की अनुसंधान प्रणाली और अपराध नियंत्रण की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद से उन्होंने हर स्तर पर पुलिस का सहयोग किया। संभावित सुरागों की जानकारी भी जांच टीम को दी गई, लेकिन इसके बावजूद जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी।

जांच की प्रगति

थाना से लेकर एसपी, डीआईजी और डीएसपी तक कई बार गुहार लगाने के बाद भी उन्हें केवल जांच जारी रहने का आश्वासन मिला। परिवार का कहना है कि इतने दिनों बाद भी उन्हें यह नहीं बताया गया कि पुलिस किन संदिग्धों तक पहुंची है या जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एफआईआर के कुछ दिनों के भीतर एसआईटी गठित होने के बाद भी महीनों तक कोई परिणाम नहीं आता है तो अपराधियों के बीच गलत संदेश जाता है। लोगों का मानना है कि चोरी जैसे संगठित अपराधों में शुरुआती 48 से 72 घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसी दौरान तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और संदिग्धों की गतिविधियों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जाती है। ऐसे में लंबे समय तक मामला अनसुलझा रहना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। मामले में अब तक पुलिस की ओर से किसी बड़ी कार्रवाई या प्रगति की सार्वजनिक जानकारी भी सामने नहीं आई है। इससे पीड़ित परिवार की चिंता और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि गंभीर मामलों में भी जांच लंबी खिंचती रही तो आम लोगों का पुलिस पर भरोसा कमजोर होगा और अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि एसआईटी की जांच की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए, अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी जाए और मामले का समयबद्ध खुलासा सुनिश्चित किया जाए। अब पूरे इलाके की निगाहें पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं कि आखिर डेढ़ माह बाद भी अनसुलझे इस चोरीकांड का सच कब सामने आएगा। बता दें कि गृहस्वामी कुंदन सिंह इलाज के सिलसिले में दिल्ली में रहते हैं। जबकि उनके घर की पहरेदारी केयरटेकर बैशाखी शर्मा करते थे। इसी बीच बीते 20 अप्रैल को चोरों ने घर में चोरी की घटना को अंजाम दिया था। घर के गोदरेज व अलमारियों को तोड़ा और पहरेदार से मारपीट कर फरार हो गए थे। डीआईजी कुमार आशीष ने बताया चोरी के खुलासे के लिए गठित एसआईटी की जांच प्रगति रिपोर्ट मांगी जा रही है। जल्द ही चोरी के खुलासे के करीब पुलिस पहुंचेगी, वारदात में शामिल आरोपियों की पहचान और उसकी गिरफ्तारी के साथ चोरी गए सामानों की बरामदगी की जाएगी।

सामान्य प्रश्न

पीड़ित परिवार ने पुलिस से क्या मांग की है?
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि एसआईटी की जांच की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए, अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी जाए और मामले का समयबद्ध खुलासा सुनिश्चित किया जाए।
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