सुपौल : उत्तर बिहार के चार बाढ़ प्रभावित जिलों के गांवों तक पहुंचेगी बिजली

Mar 01, 2026 01:46 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, सुपौल
share Share
Follow Us on

सुपौल जिले के कोसी तटबंध के अंदर बसे गांवों को अब स्थायी बिजली आपूर्ति मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री की धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत 23 गांवों में ट्रांसमिशन लाइन के माध्यम से हाई टेंशन बिजली पहुंचाई जाएगी। इस परियोजना पर 107 करोड़ रुपये की लागत आएगी और 2026 के अंत तक बिजली आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है।

सुपौल : उत्तर बिहार के चार बाढ़ प्रभावित जिलों के गांवों तक पहुंचेगी बिजली

सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। कोसी तटबंध के अंदर बसे सालों से बाढ़ और बदहाल बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे गांवों में अब स्थायी बिजली आपूर्ति का रास्ता साफ हो गया है। प्रधानमंत्री की धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत पहली बार ट्रांसमिशन लाइन के माध्यम से इन इलाकों तक हाई टेंशन (एचटी) बिजली पहुंचाई जाएगी। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) द्वारा कराए गए सर्वे के बाद जिले के चयनित गांवों में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। यह सूबे के ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव के पहल से संभव हुआ है। बिजली विभाग के अनुसार सुपौल जिले के पांच प्रखंडों के 23 गांवों को परियोजना के लिए अंतिम रूप से चयनित किया गया है।

घर-घर बिजली पहुंचाने की जिम्मेदारी जेके इलेक्ट्रिकल लिमिटेड को सौंपी गई है। वर्क ऑर्डर जारी होते ही एजेंसी ने कोसी तटबंध के अंदर मोनोपोल फाउंडेशन निर्माण का कार्य शुरू कर दिया है। इस पूरी परियोजना पर 107 करोड़ 89 लाख रुपये की अनुमानित लागत आएगी। पूर्वी और पश्चिमी कोसी तटबंध के भीतर बसे गांवों तक ट्रांसमिशन लाइन पहुंचाने के लिए कुल 60 मोनोपोल लगाए जाएंगे। इसके बाद चयनित गांवों में ट्रांसफार्मर और अन्य आवश्यक विद्युत उपकरण स्थापित किए जाएंगे। बिजली आपूर्ति निकटतम पावर सब-स्टेशन से 33 केवी लाइन जोड़कर की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि साल 2026 के अंत तक इन गांवों में नियमित बिजली आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है। कोसी नदी में पानी रहने के कारण निर्माण कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है, लेकिन एजेंसी नाव के जरिए निर्माण सामग्री पहुंचाकर काम को गति दे रही है। फिलहाल सोनबरसा, गोपालपुर खुर्द, मरीचा, दिघिया और बुरजा गांव में विद्युतीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार अब तक कोसी तटबंध क्षेत्र में नौ ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा चुके हैं। साथ ही 11 केवी की लगभग 15 किलोमीटर एचटी लाइन और करीब 20 किलोमीटर एलटी तार बिछाया जा चुका है। इसमें सोनबरसा, बुरजा, गोपालपुर खुर्द, मरीचा और दिघिया में इलेक्ट्रीफिकेशन का काम पूरा हो चुका है। आगे भी काम प्रगति पर है। सुपौल के अलावा कटिहार, पूर्णिया और पश्चिमी चंपारण सहित उत्तर बिहार के अन्य बाढ़ प्रभावित जिलों में भी इसी योजना के तहत कार्य शुरू किया गया है, जिससे हजारों ग्रामीणों को स्थायी बिजली सुविधा मिल सकेगी। ईई आलोक कुमार रंजन ने बताया कि सदर प्रखंड के सुकेला, सोनबरसा, बेला परसाही, गोपालपुर सिरे, गोपालपुर खुर्द, कनपटी, मरीचा और बलवा। वहीं किशनपुर प्रखंड के सिसुआ, पंचगछिया, सुकुमारपुर, सोनबरसा, नौआबाखर और परसमाधो जबकि मरौना प्रखंड का जोबहा, खोखनाहा और लक्ष्मीनियां तथा निर्मली प्रखंड के बुलंदी, डरहार, रूपौली व लगुनिया। इसके अलावा सरायगढ़-भपटियाही प्रखंड के उगनीपट्टी, लौकहा, ढोली, भुलिया, सियानी और गिठनी जबकि बसंतपुर का डुमरी मिलिक और छितौनी गांव शामिल है। ईई आलोक कुमार रंजन ने बताया कि कोसी प्रभावित जिले के पांच प्रखंड के 23 गांवों में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से ट्रांसमिशन लाइन पहुंचाया जाएगा। निर्माण एजेंसी जेके इलेक्ट्रिकल द्वारा तेज गति से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके लिए विभाग द्वारा अप्रैल 2025 में कोसी तटबंध के अंदर के गांवों का सर्वे भी कराया गया था। उन्होंने बताया कि इस साल के अंत तक 60 मोपोनल के जरिए चयनित गांवों को निर्बाध बिजली आपूर्ति का लाभ मिलने लगेगा।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।