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अब जमीन रजिस्ट्री की संख्या बढ़ेगी, लोगों को होगी सुविधा

अब जमीन रजिस्ट्री की संख्या बढ़ेगी, लोगों को होगी सुविधा सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। यदि...

अब जमीन रजिस्ट्री की संख्या बढ़ेगी, लोगों को होगी सुविधा
हिन्दुस्तान टीम,सुपौलWed, 15 May 2024 12:30 AM
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अब जमीन रजिस्ट्री की संख्या बढ़ेगी, लोगों को होगी सुविधा
सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। यदि आप भी जमीन की खरीद बिक्री के नए नियम से परेशान हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दिया है, जिसमें यह कहा गया था कि अब केवल वहीं व्यक्ति जमीन बेच सकेगा जिसके नाम पर जमाबंदी है। पुश्तैनी जमीन बेचने के लिए बंटवारे का कागजात पहले तैयार करना होगा।

दरअसल, जब से हाईकोर्ट का यह नया नियम लागू हुआ था तभी से संपत्तियों की रजिस्ट्री में लगातार कमी देखी जा रही थी। लोग जमाबंदी अपने नाम पर करवाने के लिए परेशान हो रहे थे। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और सर्वोच्च न्यायालय ने पटना हाइकोर्ट के इस आदेश पर रोक लगा दी है। हालांकि इस पर डिटेल सुनवाई के लिए अगली तारीख सितंबर महीने में तय की गई है। उधर, सुप्रीम कोर्ट द्वारा रोक के आदेश के बाद मंगलवार को जिला निबंधन कार्यालय में रौनक दिखी। मुहरीर्र का कहना था कि नए नियम के कारण जमीन की खरीद बिक्री एक तिहाई से भी कम हो गई थी। कई लोगों को तो शादी-ब्याह की तिथि तक बढ़ानी पड़ी। खुद के नाम जमाबंदी नहीं होने से जरूरी काम भी बाधित हो रहा था। दस्तावेज नवीस संघ के उमेश चौधरी ने बताया कि अब जमीन रजिस्ट्री की संख्या बढ़ेगी और लोगों को सहूलियत होगी। इससे रजिस्ट्री कार्यालय में जमीन खरीदने और बेचने वालों की भीड़ बढ़नी तय है।

फिर से बढ़ जाएगी जमीन रजिस्ट्री: बता दें कि 21 फरवरी, 2024 से जमाबंदी की अनिवार्यता को लागू किया गया था। इसकेबाद सभी रजिस्ट्री ऑफिस में जमीनों की रजिस्ट्री में भारी कमी आ गई। जिला निबंधन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक नए नियमों के कारण मार्च में 80.1 फीसदी राजस्व की गिरावट आई थी। 13 करोड़ 77 लाख राजस्व वसूली का लक्ष्य मिला था जिसके अनुपात में 2 करोड़ 75 लाख 29 हजार 593 रुपये की आमदनी हुई थी। सबसे बुरा हाल त्रिवेणीगंज अवर निबंधन कार्यालय का था। यहां लक्ष्य से महज 12.51 फीसदी ही राजस्व प्राप्त हुआ था। निबंधन विभाग के मुताबिक जिले के चारों निबंधन कार्यालय को मिलाकर मार्च 2024 में 581 लोगों ने रजिस्ट्री कराई जबकि मार्च 2023 में 2866 लोगों ने जमीन की रजिस्ट्री कराई थी।

अप्रैल से अब तक 68 फीसदी गिरावट

अप्रैल और मई माह में भी रजिस्ट्री दस्तावेजों की संख्या में 68.35 फीसदी और राजस्व में 54 फीसदी की कमी देखी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार 1 अप्रैल से 13 मई 2023 के बीच 1084 लोगों ने जमीन की रजिस्ट्री कराई थी जिसके एवज में निबंधन विभाग को 4 करोड़ 68 लाख 89 हजार 63 रुपये राजस्व प्राप्त हुआ था। नए नियम के कारण 1 अप्रैल से 13 मई 2014 तक महज 343 लोगों ने रजिस्ट्री कराई जिससे निबंधन विभाग को 2 करोड़ 16 लाख 16 हजार 273 का राजस्व प्राप्त हुआ। उधर, नए नियम से एक बार फिर रजिस्ट्री की संख्या में वृद्धि की उम्मीद जताई जा रही है।

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