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20 जनवरी, 2021|9:23|IST

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उद्घाटन के पांच माह बाद भी पानी नहीं

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सुपौल | हिन्दुस्तान संवाददाता

मुख्यमंत्री सात निश्चय योजना में शामिल हर घर नल जल योजना का हश्र बुरा है। लिहाजा शुद्ध पेयजल की आस लगाए वार्डवासी खुद को ठगे हुए महसूस कर रहे हैं।

बता दें कि 29 अगस्त 2020 को वीडियो कांन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नगर परिषद के छह वार्डों में योजना का उद्घाटन किया। उद्घाटन का मतलब शायद काम पूरा होना होता है लेकिन इस मामले में नगर परिषद के अधिकारियों ने सीएम को भी अंधेरे में रखा और आधी-अधूरी योजना का उद्घाटन करा दिया।

नगर परिषद ने दावा कि वार्ड 18, 19, 20, 21, 22 और 23 के करीब साढ़े 3244 परिवार को कनेक्शन देकर योजना पूरी कर ली गई है। सिर्फ पानी का सैंपल टेस्ट आना बांकी है। इसके बाद लोगों को पीने के लिए नल से शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा। जमीनी हकीकत यह है कि उद्घाटन के पांच महीने बाद भी किसी भी वार्ड में नल से जल नहीं निकला और लोगों को साफ पीने के लिए शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हुआ। पहले से भी इस योजना के क्रियान्वयन, खासकर गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। वार्डवासी कहते हैं कि यह योजना धरातल पर पूरी तरह से फ्लॉप है।

वार्ड 21 कोसी कॉलोनी में जिला एवं सत्र न्यायाधीश और डीएम का आवास है। नगर परिषद का दावा है कि इस वार्ड में नल जल योजना का काम फाइनल हो गया है। पड़ताल की गई तो डीएम के कॉलोनी में पानी टंकी प्लांट लगा है जिसमें जंक लगा हुआ था और उसकी हालत बेहद खराब दिखी।

वहां मौजूद अरूण ठाकुर, शिवेन्द्र पासवान, बुचिया देवी आदि ने बताया कि उन्हें कनेक्शन नहीं मिला है। जब भी अधिकारियों से पूछा गया तो उन्हें बस जल्द कनेक्शन मिलने का आश्वासन मिला। इस बात को भी आठ महीने से अधिक हो गया है। कहा कि जिनके घरों या सार्वजनिक जगहों पर टोटी लगी थी, पानी की सप्लाई नहीं होने से वहां की टोटी भी गायब हो गई। आधे से अधिक परिवार अभी भी कनेक्शन की आस लगाए बैठे हैं। वार्ड पार्षद सरस्वती देवी कहती हैं कि काम अभी आधा-अधूरा है। कोरोना संक्रमण के प्रसार के पहले से ही ठेकेदार गायब है।

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  • Web Title:No water even after five months of inauguration