
सुपौल : नेपाल में हो रहे उग्र प्रदर्शन को लेकर बॉर्डर पूरी तरह से बंद
वीरपुर में नेपाल के आंदोलन के तीसरे दिन प्रदर्शन उग्र हो गए हैं। प्रधानमंत्री ओली देश छोड़ चुके हैं और राष्ट्रपति ने भी इस्तीफा दे दिया है। सड़कों पर सुनसान हैं और भारतीय वाहन फंसे हुए हैं। परिवारों...
वीरपुर, संजय कुमार। पड़ोसी देश नेपाल में आंदोलन के तीसरे दिन बुधवार को भी उग्र प्रदर्शन जारी है , नेपाल जल रहा है। देश के प्रधानमंत्री ओली देश छोड़ चुके है, राष्ट्रपति नें भी अपना पद त्याग दिया है। सड़कें सुनसान हैं। इक्का-दुक्का एम्बुलेंस या सेना का वाहन सड़क से गुजर रहा है। वाहनों की आवाजाही बंद रहने से भंसार कार्यालय बंद है। इधर, स्थानीय ट्रांसपोर्टर अमित कुमार व संतोष दास ने बताया कि कई भारतीय वाहन नेपाल में फंसे हुए हैं। उनसे सम्पर्क नहीं हो पा रहा है। वे किस हालत में हैं, यह जानने के लिए उनके परिजनों का फोन हमलोगों को आ रहा है।

उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर परिवार चिंतित है। रोजगार, रिश्तेदारी व घूमने-फिरने बड़ी संख्या में नेपाल गए सैलानी नेपाल में फंसे हैं, जिनसे परिजनों का सम्पर्क नहीं हो रहा। वहीं राधोपुर प्रखंड की करजाइन पंचायत के वसावनपटी निवासी पवन नायक अपने तीन दोस्त के साथ घूमने पांच दिन पहले काठमांडू गये थे। उनके काठमांडू पहुंचने के एक दिन बाद ही आंदोलन शुरू हो गया। अब उनके परिजनों का उन लोगों से सम्पर्क नहीं हो रहा, जिससे वह उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इधर, बॉर्डर पर मालवाहक वाहनों की लम्बी कतार लग गई है। इस बाबत कस्टम कार्यालय भीमनगर के कस्टम सुप्रीटेंडेंट जय प्रकाश ने बताया कि नेपाल में जारी इस विद्रोह के कारण रोजाना 35 से 40 लाख का नुकसान हो रहा है। इस बॉर्डर से मुख्य रूप से आलू-प्याज, धान-मक्का व सब्जी की आवाजाही होती है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


