
20 वर्षों से थानों में बेकार पड़े वॉच टावर, कीड़े-मकोड़े व चमगादड़ों का बने ठिकाना
छातापुर, एक प्रतिनिधि छातापुर प्रखंड क्षेत्र में छातापुर थाना, भीमपुर थाना एवं राजेश्वरी थाना परिसर
छातापुर, एक प्रतिनिधि। छातापुर प्रखंड क्षेत्र में छातापुर थाना, भीमपुर थाना एवं राजेश्वरी थाना परिसर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से लगभग 20 वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से बनाए गए वॉच टावर अब तक महज शोभा की वस्तु बनकर रह गए हैं। टावरों की स्थिति यह है कि इन टावरों का कभी भी प्रशासनिक उपयोग नहीं किया गया। जिसके कारण अब इन पर लोगों की बजाय कीड़े, मकोड़ों और चमगादड़ों का इस टावरों में कब्जा हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि इन वॉच टावरों का सही उपयोग किया जाता तो थाना क्षेत्र में सुरक्षा चौकसी और निगरानी व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सकती थी।लेकिन
वर्षों से उपेक्षा के कारण यह सरकारी धन का दुरुपयोग और लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण बन चुका है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि या तो इन वॉच टावरों को उपयोगी बनाया जाए या इनके भविष्य को लेकर स्पष्ट निर्णय लिया जाए। जिससे करोड़ों की योजना धूल फांकती न रह जाए। पुलिस सूत्रों की माने तो कोसी के सीमावर्ती क्षेत्र को लेकर सभी थाना में विभागीय स्तर से प्रति टावर लगभग एक लाख रुपए से अधिक के खर्च से निर्माण कराया गया था। लेकिन इसका समुचित लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। हालत यह है कि सालों पहले बने वॉच टावर का उपयोग नहीं होने के कारण इसमें सांप, कीड़ा, मकोड़ा सहित चमगादर का रेन बसेरा हो गया है। मिली जानकारी अनुसार वाच टावर से पुलिस के जवान चारों और की निगेहवानी करते है। थाना परिसर की सुरक्षा इससे चुस्त-दुरुस्त बनी रहेगी। इतना ही नहीं थाना के बाहर भी कोई हरकत होगी तो उस पर नजर रखी जा सकेगी। लेकिन वाच टावर में जंगली घास उग गए हैं और सांपों का बसेरा हो गया है। सरकार द्वारा बनाया गया यह वाच टावर केवल शोभा का केंद्र बना हुआ है।

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