सुपौल : जलकुंभी और गंदगी में मनेगा छठ महापर्व, नहाय खाय शनिवार से
त्रिवेणीगंज में छठ पर्व के दौरान नगर परिषद की उदासीनता साफ नजर आ रही है। तेरहा नदी गंदगी और जलकुंभियों से भरी है, जिससे श्रद्धालु चिंतित हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद ने अब तक कोई सफाई...
त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। लोक आस्था का महापर्व छठ जैसे पवित्र अवसर पर भी नगर परिषद की उदासीनता साफ़ झलक रही है।नगर परिषद के वार्ड संख्या 25 स्थित तेरहा नदी, जहाँ हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु डूबते सूरज और उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं, इस बार जलकुंभी और गंदगी से पट्टी हुई है।पूरे नदी में जलकुम्भी ही जलकुम्भी नजर आ रहा है। और चारों ओर से बदबू और दुर्गंध आ रही है।लेकिन प्रसासनिक स्तर से कोई पहलअब तक नही हो रही है।लगता है पूरा सरकारी अमला चुनावी कार्य में मशगूल है और घाटों की साफ सफाई शायद आदर्श आचार संहिता के तहद हो।
मालूम हो कि अगले शनिवार को नहाय -खाय के साथ इस महापर्व का शुभारंभ होगी , लेकिन घाटों की स्थिति देखकर श्रद्धालु चिंतित हैं। वेसे सिर्फ इसी घाट की नहीं बल्कि शहर के अधिकांश घाटों की हालत भी बेहतर नहीं है। कहीं जलकुंभी का अंबार, तो कहीं कीचड़ और कचरे से भरी जगहें श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबब बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। न तो सफाई अभियान चला है, न ही घाटों पर रौशनी या सुरक्षा की कोई व्यवस्था दिख रही है। छठव्रतियों में आक्रोश है। वार्ड 25 की निवासी सुमन देवी बताती हैं “हर साल छठ पर हमलोग यहीं पूजा करते हैं, लेकिन इस बार नदी की हालत देखकर मन खिन्न हो जाता है। नगर परिषद को समय रहते सफाई करनी चाहिए थी। वहीं राजेश कुमार कहते हैं छठ महापर्व सिर्फ पूजा नहीं, हमारे आस्था और स्वच्छता का प्रतीक है। गंदगी के बीच पूजा करना दुखद है। मजबूरी में घरों में ही छठ व्रत करना होगा। लोगों की मांग है कि नगर परिषद तुरंत सफाई और जलकुंभी हटाने का अभियान चलाए, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पूजा-अर्चना कर सकें। छठ जैसे लोकपर्व की गरिमा तभी बनी रह सकती है, जब प्रशासन आस्था के इस पर्व को स्वच्छता और व्यवस्था के साथ मनाने का अवसर दे।

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