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हिंदी न्यूज़ बिहार सुपौल टूटने वाले रैन बसेरा का जीर्णोद्धार कर रही नप

टूटने वाले रैन बसेरा का जीर्णोद्धार कर रही नप

हिन्दुस्तान टीम,सुपौलNewswrap
Fri, 03 Dec 2021 04:03 AM

टूटने वाले रैन बसेरा का जीर्णोद्धार कर रही नप

सुपौल | नवीन कुमार

सरकारी राशि का दुरूपयोग नगर परिषद के मातहतों द्वारा धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस खेल में किसकी-किसकी हिस्सेदारी है, यह निश्चित तौर पर जांच का विषय है। एनएच 327 के लोहिया चौक रेलवे ढाला पर एनएचएआई आरओबी बना रहा है। इसके निर्माण में नगर परिषद का रैन बसेरा रूकावट साबित हो रहा है। इसके लिए रैन बसेरा का टूटना तय है। इसलिए नहीं कि आरओबी का निर्माण हो रहा बल्कि वह अतिक्रमित जमीन पर भी बना है। इसके लिए एनएचएआई नगर परिषद के ईओ और प्रधान सचिव को कई बार पत्र देकर रैन बसेरा को हटाने का आग्रह भी कर चुका है। बावजूद इसके नगर परिषद द्वारा एनएचएआई की बात अनसुनी की जा रही है। उधर, अब जब रैन बसेरा के टूटने की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है तो आनन-फानन में नगर परिषद रैन बसेरा का रेनोवेशन कराने लगा है। रंग-रोगन के साथ-साथ फर्श तक बनावाई जा रही है। इसमें करीब 5 से 7 लाख की लागत आएगी।

दूसरी बड़ी बात यह है कि नगर विकास एवं आवास विभाग का सख्त निर्देश है जेम पोर्टल या फिर ई टेंडर के माध्यम से ही कोई भी काम करना है। लेकिन नियम कायदे को ताक पर रखकर नप में मनमानी की जा रही है। बता दें कि नगर परिषद बोर्ड की बैठक में भी रैन बसेरा तोड़े जाने का मुद्दा उठा था। उधर, ईओ कृष्णस्वरूप ने बताया कि महज 2 लाख रुपये तक रंग-रोगण पर खर्च किये जा रहे हैं। टेंडर के इंतजार में समय बीत जाता। इसलिए ठंड पूर्व रैन बसेरा की रंगाई कराई जा रही है।

5 दिसंबर से आरओबी के लिए शुरू होगी खुदाई

आरओबी निर्माण करा रही एजेंसी के जेई अशोक कुमार ने बताया कि आरओबी के आरईवाल का निर्माण कराया जाएगा। इसको लेकर 5 दिसंबर से प्रखंड कार्यालय गेट के पास खुदाई आरंभ की जाएगी। ऐसे में नगर परिषद का रैन बसेरा और दुकान रूकाटव साबित होगी। उन्होंने बताया कि आरओबी के नक्शा के मुताबिक रैन बसेरा और दुकानों का हटना है। बताया कि इसके लिए कई बार विभागीय स्तर से पत्राचार भी किया जा चुका है।

दो विभागों के बीच फंस गया है पेच

रैन बसेरा का मामला दो विभागों के पेंच में फंसा हुआ है। नगर परिषद के ईओ कृष्णस्वरूप भी मानते हैं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक सर्विस रोड बनने के लिए रैन बसेरा को तोड़ना है। लेकिन इसके लिए विभाग से मार्गदर्शन भी आया है। एनएचएआई स्थल निरीक्षण कर आकलन करते हुए मुआवजा तय करे। इसके बाद ही रैन बसेरा को तोड़ा जाएगा। हालांकि एनएचएआई के रामकुमार यादव ने बताया कि कई बार ईओ से लेकर नगर विकास विभाग को आरओबी निर्माण के लिए रैन बसेरा और दुकान को हटाने के लिए पत्राचार भी किया गया है। इसमें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की प्रतियां भी उपलब्ध कराई गई थीं। हालांकि जिलाधिकारी से इस मसले पर दिशा निर्देश लिया जाएगा। इसके बाद स्थल निरीक्षण कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बहरहाल जो भी हो दो विभागों के पेंच में फंसने से आरओबी निर्माण की रफ्तार पर ब्रेक लग सकता है। इससे समय पर प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद पर ग्रहण लग सकता है।

77 करोड़ से निर्माण

एनएच 327 ई पर लोहिया नगर चौक के 53 नंबर ढाला के पास 77.07 करोड़ की लागत से आरओबी का निर्माण कराया जा रहा है। आरओबी और एप्रोच की कुल लंबाई 1417 मीटर होगी। टू लेन के इस आरओबी की चौड़ाई 14 मीटर होगी। इसका शिलान्यास 8 मार्च 2020 को उर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने की थी। इसका निर्माण छत्तीसगढ़ बृ्रजेश अग्रवाल कंस्ट्रक्शन करा रही है। फिलहाल 7 वां स्पैन का निर्माण कार्य चल रहा है।

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