Supaul News: सुपौल : प्रियांशु की मौत का पांच दिन बाद भी नहीं खुला राज
Supaul News: सुपौल में सानवी पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में पहली कक्षा के छात्र प्रियांशु कुमार की मौत के मामले में रहस्य बना हुआ है। उसका शव छह सितंबर को फंदे से लटका मिला था। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है, जबकि परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।

Supaul News: सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। शहर के गौरवगढ़ वार्ड 6 स्थित सानवी पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में पहली कक्षा के छात्र नौ वर्षीय प्रियांशु कुमार की मौत के पांच दिन बाद भी रहस्य बरकरार है। छह सितंबर को हॉस्टल की छत पर फंदे से लटका मिला प्रियांशु का शव कई सवाल छोड़ गया है। पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मौत की परिस्थितियों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। परिजनों के साथ पुलिस और स्थानीय लोगों को भी इस मामले में मौत के असली कारण का इंतजार है।
मामले की शुरूआत
मरौना थाना क्षेत्र के खिरखिरिया रही गांव निवासी रवि शंकर भारती का बड़ा पुत्र प्रियांशु सानवी पब्लिक स्कूल में पहली कक्षा का छात्र था। स्कूल के हॉस्टल में रहने के दौरान उसका शव छह सितंबर को फंदे से लटका मिला था। घटना के बाद स्कूल और हॉस्टल को सील कर दिया गया था। अब तक की जांच में मौत के कारण को लेकर पुलिस किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। उधर, गुरुवार को भी विशेष टीम के साथ तकनीकी टीम स्कूल पहुंची और जांच-पड़ताल की। हालाँकि कुछ खास हाथ नहीं लगा, जिससे घटना के कारणों के खुलासे में मदद मिल सके। प्रियांशु के गले में सोने की चकती होने की बात सामने आई थी, जो घटना के बाद गायब मिली। परिजन इस बिंदु को संदिग्ध मानते हुए हत्या की आशंका जता रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी हत्या की पुष्टि नहीं की है।
जांच की प्रक्रिया
जांच टीम घटना के समय हॉस्टल में मौजूद लोगों, घटनास्थल की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। तकनीकी टीम भी मामले से जुड़ी कड़ियों की जांच करेगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मिलेगी जांच को दिशा: पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति कुछ और स्पष्ट होने की उम्मीद है। वहीं, मृतक के विसरा को जांच के लिए भागलपुर लैब भेजा जाएगा। पुलिस के अनुसार प्रियांशु की गर्दन पर मिले निशान से उसके गले में फंदा लगाए जाने की पुष्टि होती है, लेकिन उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है। सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। मौत के स्पष्ट कारण का अभी पता नहीं चल पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मौत के कारण का जल्द पता लगाया जाएगा।
डीएम की कार्रवाई
उधर, हॉस्टल में पहली कक्षा के छात्र की मौत के मामले को डीएम सावन कुमार ने भी गंभीरता से लिया है। उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी से जिले में संचालित हॉस्टलों की सूची मांगी है। डीएम के निर्देश के बाद निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा है। प्रशासन अब जिले में संचालित छात्रावासों की व्यवस्था और उनकी स्थिति की जानकारी जुटाने की तैयारी में है। इससे अन्य निजी स्कूलों के हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के दायरे में आने की संभावना है।


