
सुपौल : गांवों में नालों की सफाई नहीं, मच्छरों का बढ़ा है प्रकोप
छातापुर प्रखंड में कई गांवों में महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है, जिससे जल जमाव और मच्छरों की भरमार हो गई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि फागिंग की सुविधा नहीं है, लेकिन मच्छरों से बचने के उपाय बताए हैं।
छातापुर, एक प्रतिनिधि। छातापुर प्रखंड मुख्यालय समेत क्षेत्र के कई गांवों में महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई है। इसके साथ ही कई जगहों पर अधूरा नाले का निर्माण और उन्हें उपयोग के लिए चालू कर देना भी है। वहीं कई स्थानों पर जल जमाव भी है। जिससे गंदगी फैल रही है। जलजमाव के कारण मच्छरों की भरमार हो गई है । जिसके काटने से लोग बीमार पड़ रहे है। जानकारों की माने तो मच्छरों के काटने से डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारिय फैलने का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय राम टहल भगत, बिनोद सिंह, सुभाष कुमार, राजेश जैन, लच्छो ठाकुर, रघुनंदन पासवान, मोना साह ने पंचायत और प्रखंड प्रशासन समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से मच्छरों के रोकथाम के निमित शीघ्र कार्रवाई की मांग की गई है।
लोगों ने डीडीटी छिड़काव समेत फागिंग करवाने की मांग रखी है। इस बाबत सीएचसी प्रभारी डॉ. नवीन कुमार ने बताया कि सीएचसी में अभी फागिंग की सुविधा नहीं है। लेकिन जहां जल जमाव है उक्त स्थल पर गंदगी से बीमारी न फैले इसके लिए बिलिचिंग पाउडर है। उन्होंने आवश्यकता वाले क्षेत्र के निमित जानकारी देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कई जगह डीडीटी का छिड़काव किया भी गया है। फिलहाल लोगों को मच्छरों से बचने की जरूरत है। उन्होंने लोगों से फूल पेंट और फूल शर्ट पहनने की भी सलाह दी है। उन्होंने सभी को मच्छरों से बचाव के लिए मच्छर दानी के उपयोग करके सोने ही सोने की सलाह दी है। इसके साथ ही उन्होंने स्थिति से जिला को भी अवगत कराने की बात कही है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




