सुपौल : ईओ पर अनियमितता का लगाया आरोप

हिन्दुस्तान, सुपौल
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राघोपुर नगर पंचायत में विकास और स्वच्छता कार्यों के लिए हुए करोड़ों रुपये की खरीद को लेकर विवाद बढ़ गया है। वार्ड पार्षदों ने भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए हैं। आरोप है कि सामान ऊंची दरों पर खरीदे गए और कुछ महीनों तक इस्तेमाल नहीं किए गए। मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।

सुपौल : ईओ पर अनियमितता का लगाया आरोप

राघोपुर, एक प्रतिनिधि। नगर पंचायत में विकास और स्वच्छता कार्यों के नाम पर हुई करोड़ों रुपये की खरीद को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। रविवार को एक होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वार्ड पार्षदों ने नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी पर गंभीर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। पार्षदों ने आरोप लगाया कि डस्टबिन, ट्रैक्टर, फॉगिंग मशीन, पीपीई किट, हाई मास्ट लाइट, चलंत शौचालय और अन्य स्वच्छता उपकरणों की खरीद में नियमों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि कई सामान ऊंची दरों पर खरीदे गए, जबकि उनकी उपयोगिता पर भी सवाल उठ रहे हैं। कुछ सामग्री महीनों तक उपयोग में नहीं लाई गई और जांच के बाद ही आंशिक रूप से लगाने का प्रयास किया गया।

आरोपों की समीक्षा

पार्षदों ने यह भी दावा किया कि जिलाधिकारी स्तर पर हुई जांच रिपोर्ट में भी वित्तीय अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही के संकेत मिले हैं। आरोप है कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रखी गई और कुछ फर्मों के चयन में हितों के टकराव की स्थिति सामने आई है। इसके अलावा सफाई कार्यों में भी लंबे समय से लापरवाही और अवैध भुगतान का आरोप लगाया गया है। पार्षदों ने प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग, मुख्यमंत्री तथा संबंधित अधिकारियों से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों पर कार्रवाई और सरकारी राशि की वसूली जरूरी है, ताकि नगर पंचायत में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी ने उन पर लगे भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रेस कॉन्फ्रेंस की जानकारी नहीं थी और आरोपों का पूरा विवरण भी उनके पास नहीं है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया

ईओ ने बताया कि डस्टबिन मामले की पहले जिलाधिकारी स्तर पर जांच हो चुकी है, जिसमें कोई अनियमितता नहीं पाई गई थी। स्वागत द्वार और अन्य विकास कार्यों में गड़बड़ी के आरोप भी उन्होंने गलत बताए। उन्होंने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि कुछ लोग कामकाज में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं। अपने पति से जुड़े आरोपों को भी उन्होंने पूरी तरह निराधार बताया।

सामान्य पूछें जाने वाले प्रश्न

नगर पंचायत में किस तरह के आरोप लगाए गए हैं?
नगर पंचायत में वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।
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