DA Image
15 अगस्त, 2020|10:05|IST

अगली स्टोरी

मधुश्रावणी का हुआ समापन

default image

सावन कृष्ण पक्ष से शुरू हुआ मधुश्रावणी पर्व का गुरुवार को विधि-विधान से पूजा के बाद समाप्त हो गया। नवविवाहिताओं ने परिवार के सभी लोगों के साथ पारंपरिक गीत और कथा सुनने के बाद अखंड सौभाग्य और घर की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही भगवान शिव-पार्वती और नाग देवता की पूजा की। 13 दिनों तक नवविवाहिताओं ने अपने मायके में मधु श्रावणी की पूजा पूरे उत्साह के साथ की। इस दौरान दोनों पहर पूजा के साथ-साथ महिला पंडित से कथा भी सुनी। इसके अलाव टेमी से दागा भी गया। पंडितों के अनुसार टेमी से दागने पर जितना अधिक फोंका होता है, पति से उसका स्नेह उतना अधिक होता है।