सुपौल : कोर्ट के फैसले के बाद दाखिल-खारिज अब पूरी तरह ऑनलाइन

हिन्दुस्तान, सुपौल
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सुपौल, नवीन कुमार। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब कोर्ट से जमीन संबंधी मुकदमा जीतने वाले या डिक्री प्राप्त करने वाले लोगों को अंचल कार्यालयों के लंबे चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

सुपौल : कोर्ट के फैसले के बाद दाखिल-खारिज अब पूरी तरह ऑनलाइन

सुपौल, नवीन कुमार। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भूमि से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और तेजी लाने के लिए दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब कोर्ट से जमीन संबंधी मुकदमा जीतने वाले या डिक्री प्राप्त करने वाले लोगों को अंचल कार्यालयों के लंबे चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

पुरानी प्रक्रिया की समस्याएं

पूरी प्रक्रिया को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाकर ऑनलाइन, समयबद्ध और पारदर्शी बना दिया गया है। अब तक स्थिति यह थी कि न्यायालय से फैसला या पारिवारिक बंटवारे के आधार पर डिक्री मिलने के बाद भी लोग महीनों तक दाखिल-खारिज के लिए अंचल कार्यालयों का चक्कर लगाते थे।

नई व्यवस्था की उपयोगिता

मैनुअल प्रक्रिया, कागजी कार्रवाई की जटिलता, जानकारी का अभाव और कर्मचारियों की व्यस्तता के कारण आवेदन लंबित रह जाते थे।

ऑनलाइन प्रक्रिया के लाभ

कई मामलों में लोगों को बार-बार दस्तावेज लेकर कार्यालयों में दौड़ लगानी पड़ती थी।

आवेदन प्रक्रिया

नई व्यवस्था का उद्देश्य इन्हीं समस्याओं को समाप्त करना है।

<h2>मीडिया संबंधित सामान्य प्रश्न</h2>

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसे आवेदन करने की जरूरत है?
आवेदक स्वयं या नजदीकी वसुधा केंद्र (सीएससी) की सहायता से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
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