
सुपौल : किसानों के लिए सिरदर्द बना क्रेडिट कार्ड
सुपौल में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना किसानों के लिए परेशानी बन गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11,582 किसानों को केसीसी देने का लक्ष्य था, लेकिन केवल 1,284 किसानों का कार्ड बना है। बैंक प्रबंधक लोन देने में आनाकानी कर रहे हैं, जिससे किसानों को निजी साहूकारों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ रहा है।
सुपौल, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना किसानों के लिए राहत के बजाय परेशानी का सबब बनती जा रही है। खेती के लिए आसान लोन का सपना लेकर बैंक पहुंच रहे किसानों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 11,582 किसानों को केसीसी देने के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक महज 1,284 किसानों का ही कार्ड बन सका है, जो लक्ष्य का करीब 11 प्रतिशत भी नहीं है। केसीसी को गति देने के लिए जिला प्रशासन और कृषि विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया गया था। पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर किसानों से आवेदन फॉर्म भी भरवाए गए।
लेकिन कई पंचायतों में लगाए गए कैंपों में बैंक प्रतिनिधि ही नहीं पहुंचे। ऐसे में कृषि विभाग के कर्मियों को एलडीएम से समन्वय बनाकर फॉर्म संबंधित बैंकों तक भिजवाना पड़ा। इसके बावजूद अधिकांश किसानों का अब तक किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बन पाया है। किसानों का कहना है कि बैंक प्रबंधक किसान क्रेडिट कार्ड(केसीसी लोन) देने में आनाकानी कर रहे हैं। किसान बीणा के किसान जगरूप साह, गंगा मंडल, पिपरा खुर्द के किसान राजेंद्र यादव और विद्यानंद यादव ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2024 में ही आवेदन किया था, लेकिन आज तक लोन स्वीकृत नहीं हुआ। इससे खेती की तैयारी और खाद-बीज की खरीद प्रभावित हो रही है, वहीं किसानों को निजी साहूकारों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेने को मजबूर होना पड़ रहा है। बताया कि थकहारकर ग्रुप लोन लेकर काम चलाना पड़ा। वहीं खखई के किसान गोपाल मंडल, संजय कुमार, कटैया के चन्देश्वरी यादव, लेखनारायण यादव आदि ने बताया कि बैंकों के असहयोगात्मक रवैया के कारण किसानों को केसीसी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी पप्पू कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी बैंकों के साथ समीक्षा बैठक की गई है। बैंकों को अधिक से अधिक किसानों को केसीसी लोन देने का निर्देश दिया गया है। साथ ही पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाकर किसानों को योजना से जोड़ने का प्रयास जारी है। अग्रणी बैंक प्रबंधक राजीव झा ने (एलडीएम) कहा कि जिले के सभी बैंकों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया है कि किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन की संख्या में तेजी लाई जाए। इसके लिए बैंकों की कार्यप्रणाली पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो। उन्होंने बताया कि संबंधित बैंकों से समय-समय पर अनुरोध भी किया जा रहा है कि योग्य किसानों के आवेदन प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासन का स्पष्ट लक्ष्य है कि अधिक से अधिक किसानों को केसीसी योजना से जोड़ा जाए, जिससे उन्हें खेती के लिए सुलभ और सस्ता ऋण मिल सके। इस दिशा में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नियमित बैठकों का आयोजन कर प्रगति की समीक्षा की जाती है। बैठकों में बैंकों को लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए जाते हैं। अग्रणी बैंक प्रबंधक ने भरोसा दिलाया कि समन्वय और सतत प्रयासों के जरिए आने वाले समय में केसीसी लोन वितरण में उल्लेखनीय सुधार होगा।

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