विक्रमशिला पुल टूटने से भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि

हिन्दुस्तान, सुपौल
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बिहार में बुनियादी ढांचे की चुनौतियों के कारण भागलपुर परिवहन मार्गों के बंद होने से निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि हुई है। मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए लाल बालू और पत्थर की गिट्टी की कीमतें बढ़ गई हैं। फेरी सेवा बंद होने से ट्रकों को लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे लागत और समय में वृद्धि हो रही है।

विक्रमशिला पुल टूटने से भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि

त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। बिहार में बुनियादी ढांचे की चुनौतियों और भागलपुर परिवहन मार्गों के बंद होने का सीधा प्रहार अब आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। भागलपुर के विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने और मनिहारी-साहिबगंज अंतर्राज्यीय फेरी सेवा का परिचालन ठप होने से सुपौल समेत पूरे कोसी और सीमांचल क्षेत्र में भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। घर बनाने का सपना देख रहे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए अब लाल बालू और पत्थर की गिट्टी की कीमतें ‘आंखों में चुभने’ लगी हैं। ​फेरी सेवा बंद होने के कारण ट्रकों को अब झारखंड के राजमहल घाट से पश्चिम बंगाल के मानिकचक होकर या फिर मोकामा-बेगूसराय के लंबे रास्ते से होकर आना पड़ रहा है। इस वैकल्पिक मार्ग से दूरी लगभग दोगुनी हो गई है, जिससे डीजल की खपत और समय दोनों बढ़ गए हैं। परिवहन लागत में हुई इसी वृद्धि का सीधा असर बाजार भाव पर दिख रहा है।

थमने लगे ट्रकों के पहिए

​बढ़ती लागत और समय की बर्बादी ने न केवल ग्राहकों को रुलाया है, बल्कि ट्रक व्यवसाय से जुड़े लोगों की भी कमर तोड़ दी है। इस बाबत ट्रक व्यवसायी अलोक कुमार और गणेश गुप्ता ने बताया कि लंबी दूरी और भारी खर्च के कारण बाजार में वह भाव नहीं मिल पा रहा। इस कारण हमारा मूल खर्च निकलना भी मुश्किल है। जोखिम और लागत बढ़ने के कारण कई ट्रक मालिकों ने अपने वाहनों के पहिए थाम दिए हैं। जानकारों का कहना है कि जब तक विक्रमशिला सेतु पर परिचालन सामान्य नहीं होता या मनिहारी-साहिबगंज फेरी सेवा दोबारा शुरू नहीं की जाती, तब तक कीमतों पर लगाम लगाना नामुमकिन है। फिलहाल, जिले सहित कोशी और सीमांचल और आसपास के इलाकों में निर्माण कार्य या तो ठप पड़ रहे हैं या लोगों को मजबूरी में भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

गिट्टी और बालू की कीमतों में भी हुई बढ़ोतरी

1. गिट्टी की कीमतों में उछाल (प्रति 100 सीएफटी/ट्रक अनुमानित दर): मार्च में मालवाहक जहाजों (फेरी) का परिचालन हो रहा था, तब गिट्टी की उपलब्धता सुलभ थी।

​n पुरानी दर (विक्रमशिला सेतु/फेरी चालू रहने पर): 7,500 – 8,000

​n वर्तमान दर (वाया राजमहल-मानिकचक मार्ग): 8,500 – 8,600

​n वर्तमान दर (दालकोला/पाकुड़ मार्ग) : 8,900 – 9,000

​2. बालू की कीमत भी बढ़ी

​n बालू का स्रोत पुरानी दर (अनुमानित) वर्तमान दर

​n जमुई का बालू 5,900 – 6,100 7,200 – 7,300

​n बांका का बालू 5,300 – 5,600 6,500 – 6,800

​n अरवल का बालू उपलब्ध नहीं 7,500

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में निर्माण सामग्री की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
भागलपुर के विक्रमशिला पुल के क्षतिग्रस्त होने और मनिहारी-साहिबगंज अंतर्राज्यीय फेरी सेवा के ठप होने से निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि हुई है।
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