सुपौल : आपसी मोहब्बत और भाईचारे के साथ ईद मनाने की अपील
त्रिवेणीगंज में फलाह-ए-मिल्लत एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट में इमामों की बैठक हुई। बैठक में ईद-उल-फितर के मद्देनज़र भाईचारा, एकता और समाज सुधार पर चर्चा की गई। मुफ्ती अब्दुल कय्यूम कासमी ने बुराइयों को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया। ईद किट का वितरण भी किया गया।

त्रिवेणीगंज, निज प्रतिनिधि। नगर परिषद के वार्ड 27 स्थित मदरसा के समीप फलाह-ए-मिल्लत एजुकेशन एंड वेलफेयर ट्रस्ट में प्रखंड के विभिन्न मस्जिद के इमामों की एक अहम बैठक बुधवार को हुई । बैठक की अध्यक्षता मुफ्ती अब्दुल कय्यूम कासमी ने की। बैठक में इलाके के इमामों और उलेमा ने बड़ी संख्या में भाग लिया। बैठक में ईद-उल-फितर के मद्देनज़र विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और समाज में एकता, भाईचारा और अमन-चैन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। मौके पर मौलाना मो अबुल कलाम शम्सी सहायक नाज़िम इमारत शरियाह फुलवारी शरीफ पटना ने कहा कि ईद-उल-फितर मोहब्बत, भाईचारा और एकता का पैगाम देती है, इसलिए हमें दिलों को जोड़ना चाहिए और आपसी रंजिशों को खत्म करना चाहिए।
मुफ्ती शोएब अहमद रहमानी ने कहा कि ईद के मौके पर सादगी अपनाना और जरूरतमंदों की मदद करना इस्लाम की असली तालीमात का हिस्सा है। मुफ्ती अब्दुल कय्यूम कासमी ने समाज में फैल रही बुराइयों को खत्म करने पर जोर देते हुए कहा कि हमें सामूहिक रूप से समाज सुधार के लिए आगे आना होगा। वहीं मुफ्ती जावेद अहमद रहमानी जामिया रहमानी मुंगेर ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नई पीढ़ी को दीन और दुनियावी दोनों तरह की शिक्षा से लैस करना वक्त की सबसे बड़ी जरूरत है। इस मौके पर फलाह-ए-मिल्लत एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से इमामों को ईद किट के रूप में कपड़ा, सेवइयां, चीनी आदि भेंट किए गए। ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी मौलाना नियाज़ अहमद कासमी ने कहा कि इस्लामी समाज में इमामों का बहुत अहम और केंद्रीय स्थान होता है। इमाम सिर्फ नमाज़ पढ़ाने वाले नहीं होते, बल्कि वे समाज के मार्गदर्शक और सुधारक भी होते हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में इमामों की तनख्वाह बहुत कम होती है, इसलिए ट्रस्ट द्वारा हर मौके पर उनकी मदद करने की कोशिश की जाती है। इसी उद्देश्य से आज ईद किट वितरित किए गए। ट्रस्ट के सचिव हाफिज अबूल महासिन ने लोगों से अपील की कि ईद के मौके पर अपने आसपास के गरीबों और जरूरतमंदों का खास ख्याल रखें और उन्हें भी खुशियों में शामिल करें, ताकि समाज में वास्तविक खुशी और समानता कायम हो सके। मौके पर मौलाना तौसीफ इक़बाल नदवी, मौलाना अतीकुर्रहमान नदवी, हाजी जमील अहमद, मौलाना अली असगर रहमानी, मौलाना हाजी जमील अहमद सिद्दीकी, हाफिज आज़ाद, अब्दुल हफीज, हाफिज सिराज, मो अनीसुर्रहमान, अब्दुल हसीब रहमानी, मौलाना अब्दुल खालिक, मौलाना इलियास, हाफिज नूर आलम, हाफिज तबरेज, मौलाना अनवर रहमानी आदि मौजूद थे।
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